कठुआ कांड : पीड़ित बच्ची की मां बोली. मैं तो उसे डॉक्टर बनाना चाहती थी

जम्मू के कठुआ में बकरवाल समाज अपनी आठ वर्षीय बेटी के साथ हुई बर्बर वारदात से इतना सहमा हुआ है कि अपना बसेरा कहीं और ले जाने की तैयारी में जुटा है। लेकिन पीड़िता की मां की व्यथा समेटे नहीं जा रही। वह कहती हैं. श्वह ;बेटीद्ध बहुत ही सुंदर और तेज थी। मैं चाहती थी कि वह बड़ी होकर डॉक्टर बने।श् लेकिन बदली परिस्थिति में अब उनकी एक इच्छा है। वह कहती हैं. श्मेरी एक ही इच्छा है कि इस जघन्य अपराध के दोषियों को फांसी पर लटकाया जाएए ताकि किसी दूसरे परिवार को इस पीड़ा का सामना नहीं करना प़़डे।वहींए पिता का कहना है कि घटना को धार्मिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। पीड़िता जब एक साल की थी तभी कठुआ के रिसाना में रहने वाले उसके मामा.मामी ने उसे गोद ले लिया था। मां को अब इस बात का मलाल है कि उसने अपनी बेटी को क्यों अपने भाई के घर छोड़ाघ् वह कहती हैं. श्उसे क्यों माराघ् वह तो मवेशियों को चराती और घोड़ों की देखभाल करती थी। वह आठ साल की थी। उसे क्यों ऐसे बर्बर तरीके से माराघ् उन्हें फांसी दी जानी चाहिए।श्