गृह मंत्री की नक्सलियों से हिंसा छोडने की फिर अपील

नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने नक्सलवाद को देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताते हुए एक बार फिर नक्सलियों से हिंसा का रास्ता छोड मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की है। श्री सिंह ने गुडगांव में देश के सबसे बडे अद्र्धसैनिक बल केन्द्रीय रिर्जव पुलिस बल.सीआरपीएफ. की हीरक जयंती के अवसर पर कहा कि देश के कई हिस्से नक्सलवाद की चपेट में हैं और यह आंतरिक सुरक्षा के लिए बडा खतरा है। उन्होंने कहा कि वह नक्सलियों से अपील करते हैं कि वे हिंसा का रास्ता छोडकर मुख्यधारा में शामिल हों और देश के विकास में भागीदार बनें। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं होती। गृह मंत्री ने कहा कि इस बल ने कई अग्नि परीक्षा दी हैं और यह गौरव की बात है कि वह सभी कसौटियों पर खरा उत्रा है। यह बडे ही संवेदनशील क्षेत्रों में काम करता है और उसे दिये गये दायित्वों को पूरा करता है। इस बल की 38 फीसदी संख्या नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात है और लगभग 80 फीसदी खतरनाक क्षेत्रों में काम करता है। झारखंड के नक्सली क्षेत्रों की अपनी यात्रा का उल्लेख करते हुए उन्होंनें कहा कि प्रतिकूल परिस्थितियों मे काम करने के लिए इस बल को पूरा श्रेय दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह बल आंतरिक सुरक्षा की चुनौतियों से निपटने में तो भूमिका निभा ही रहा है यह आम चुनावों में निगरानी कर लोकतंत्र के प्रहरी का भी काम करता है। उन्होंने कहा कि इस बल के जवानों ने छद्म युद्ध में बलिदान दिया है जिसे भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि सरकार इस बलिदान को समझती है और इसे मान्यता देती है।