भाजपा और शिवसेना के पुनर्मिलन की अटकलें

मुंबई 1 महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के दौरान अलग.थलग रहे भारतीय जनता पार्टी .भाजपा. और शिव सेना के एक बार फिर साथ हाने की अटकलें बढ़ गयी हैं। शिवसेना के मुखपत्र .सामना. में भाजपा को मुख्य विपक्षी कहने और श्री मोदी के खिलाफ टिप्पणी करने के बाद केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि यदि आप श्री मोदी का सम्मान नहीं कर सकते तो अपमान भी मत करे. लेकिन कल शाम होते.होते शिव सेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे द्वारा श्री मोदी का अपमान नहीं किये जाने संबंधी बयान के बाद कडुवाहट कम हो गयी। शिवसेना की प्रवक्ता श्वेता पारूलेकर ने कल एक टीवी चैनल में सामना में छपे लेख के प्रति खेद व्यक्त किया था। इस बीच. महाराष्ट्र विधान सभा में भाजपा के विपक्षी नेता एकनाथ खड्से ने आज यहां एक साक्षात्कार में कहा कि भाजपा ने कभी भी शिव सेना के खिलाफ बयान बाजी नहीं की और हमने कभी भी शिवसेना को अपना शत्रु नहीं माना। श्री खड्से ने कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी केसाथ चुनाव के बाद किसी प्रकार के गठबंधन की संभावना नहीं है। महाराष्ट्र में भाजपा के नये मुख्यमंत्री के संबंध में श्री खड्से ने कहा कि पार्टी के शीर्ष नेता बैठक करने के बाद तय करेंगे कि महाराष्ट्र में किसे मुख्यमंत्री बनाया जाय और जो भी निर्णय होगा वह सभी को मंजूर होगा। भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष देवेन्द्र फडनवीस ने कहा कि भाजपा ने अपने 25 वर्ष पुराने साथी शिव सेना के खिलाफ चुनाव में कोई टिप्पणी नहीं की लेकिन शिव सेना ने इसका उल्लंघन किया। भाजपा शिव सेना के इस व्यवहार को कभी भूलेगी नहीं। उल्लेखनीय है कि मतदान के बाद आ रहे सभी र्सवे में भाजपा को सबसे बड़ी पार्टी के रूपे में देखा जा रहा है और भाजपा को 288 सीटों में से 125 से 151 के बीच सीट मिलने की बात कही जा रही है जबकि शिव सेना को 60 से 77 सीट के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बताया गया है इस तरह शिव सेना को विपक्षी नेता का मौका मिल सकता है। र्सवे के अनुसार कांग्रेस को 28 से 40 और राकांपा को 25 से 35 सीटें मिलने का अनुमान है। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि राजनीतिक स्थिति को देखते हुए कांग्रेस से अलग हुयी राकांपा पुन: कांग्रेस में अपनी पार्टी का विलय कर सकती है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को पिछले विधान सभा के चुनाव में 13 सीटें मिली थी लेकिन इस बार 10 सीट भी मिलने से र्सवे इनकार कर रहे हैं। गौरतलब है कि भाजपा और शिव सेना पिछले लोकसभा में मिल कर चुनाव लड़ा था और शिव सेना के अनंत गीते आज भी मोदी सरकार में मंत्री बने हुए हैं।