13 साल बीत गई पर नहीं बना पुल, जान जोखिम में डाल नदी पार करने को मजबूर इस क्षेत्र के ग्रामीण

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पुल बनाने की गुहार लगाई ग्रामीणों ने
जामताड़ा से राज किशोर सिंह की रिपोर्ट
जामताड़ा: जामताड़ा और निरसा धनबाद के बीच लगभग 13 साल से अधूरे बरबेनदिया पुल को शीघ्र झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूर्ण करा कर ग्रामीणों के लिए चालू कराने की मांग की है । यह पुल 2007 में शुरू हुआ था मगर इसके 5 पिलर पानी के तेज बहाव में गिर जाने के कारण इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है । स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पुल तैयार करा रहे कंपनी गणेश राम डोकानिया ने इस पुल का निविदा लिया था । पिलर को खड़ा करने के लिए डीपीआर और प्राक्कलन में जितनी गहराई तक जाकर पिलर को खड़ा करना था उससे बहुत कम ही गहराई तक नीव खोदकर पिलर खड़ा कर दिया गया । जिसके कारण पानी के एक ही झटके ने इसे पांच खंभा जमींदोज कर दिया । झारखंड राज्य का सबसे लंबा पुल बनने वाला 58 पिलर से जामताड़ा और धनबाद को नेशनल जीटी रोड हाईवे से जोड़े जाने वाली पूल की किस्मत खराब निकली जिसका खामियाजा संथाल परगना के जामताड़ा , देवघर , दुमका , गोड्डा पाकुड़ और साहिबगंज जिला के लोगों को झेलना पड़ रहा है । झारखंड अलग होने के 21 साल गुजर जाने के बाद भी इस अधूरे पुल का निर्माण नहीं कराया जा सका है । बिरग्राम और श्यामपुर के स्थानीय निवासी फुरकान अंसारी , गुलजार अंसारी , दीपेन मंडल , मोटा मुर्मू , आफताब अंसारी , मुस्ताक अंसारी , इमरान अंसारी , कार्तिक मंडल , कीर्तन मंडल , जाकिर अंसारी , अब्दुर रज्जाक अंसारी , अजीमुद्दीन अंसारी , सरफराज अंसारी , खालिक अंसारी , मोहम्मद रफीक अंसारी , फिरोज अंसारी , मुख्तार अंसारी , सनावल अंसारी , फारुक अंसारी इत्यादि ग्रामीणों ने बताया कि कई बार झारखंड सरकार के मुख्यमंत्री से पुल को निर्माण कराने की गुहार लगाई है । रोजाना सैकड़ों परिवार के मजदूर , स्कूल कॉलेज के छात्र एवं छात्राएं नाव पर सवार होकर नदी पार करते हैं जिस से जान का खतरा बना रहता है । कई बार नाव दुर्घटना के शिकार भी हुए हैं पर अब तक यह पुल तैयार नहीं हो सका है । जांच के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं पर धरातल पर काम नहीं हो सका है । झारखंड सरकार के कृषि मंत्री श्री बादल पत्रलेख एवं जामताड़ा विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉक्टर इरफान अंसारी ने कोविड-19 क्षेत्र भ्रमण के दौरान 2020 के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पुल के नजदीक पहुंचकर लोगों को आश्वासन दिया था कि 2021 मेंपुल बनकर तैयार हो जाएगा । लोगों का विश्वास अब उठने लगा है । छात्र एवं छात्राओं का निराशा साफ दिखता है । ग्रामीणों ने झारखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन एवं स्थानीय विधायक डॉक्टर इरफान अंसारी से बारबेन्दिया पुल को शीघ्र तैयार करा कर आवागमन शुरू कराने की मांग की है ।