स्टेन स्वामी की मौत की न्यायिक जांच को ले वाम दलों ने किया विरोध प्रदर्शन

कोडरमा से मनोज कुमार झुन्नू की रिपोर्ट

कोडरमा। झारखंड के सामाजिक कार्यकर्त्ता फादर स्टेन स्वामी की हिरासत में मौत की कड़ी निंदा करते हुए मौत की न्यायिक जांच की मांग पर वामदलों सीपीआई, सीपीएम, माले व प्रगतिशील संगठनों के कार्यकर्ताओं ने झुमरीतिलैया के पुराना बस स्टैंड परिसर में आक्रोशपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। वहां स्टेन स्वामी की मौत नहीं हत्या है, अंग्रजों के जमाने के कानून रद्द करो, आंदोलनकारियों पर यूएपीए व देशद्रोह कानून लगाना बंद करो, सामाजिक कार्यकर्ता व राजनीतिक बंदियों को रिहा करो आदि नारे लगाए जा रहे थे। प्रदर्शन का नेतृत्व भाकपा नेता और जिप सदस्य महादेव राम, जिलामंत्री प्रकाश रजक, सीपीएम राज्य सचिवमंडल सदस्य संजय पासवान, जिला सचिव असीम सरकार, माले ज़िला कमिटी सदस्य शंभु पासवान ने किया। इस अवसर पर उदय द्विवेदी की अध्यक्षता में हुई नुक्कड़ सभा में वक्ताओं ने कहा कि गरीबों, दलितों और आदिवासियों के अधिकारों के लिए लड़ने वाले फादर स्टेन स्वामी को इस व्यवस्था ने बहुत ही कठोर और क्रूर तरीके से मार डाला। उनकी मौत हिरासत में की गई हत्या है। विभिन्न बीमारियों से पीड़ित होने पर भी उन्हें यूएपीए के तहत गिरफ्तार किया गया था। एनआईए ने उन्हें बार-बार जमानत देने से इनकार कर दिया था। अदालत के हस्तक्षेप के बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। तब तक बहुत देर हो चुकी थी। केन्द्र सरकार की क्रूर तानाशाही ने उनकी जान ले ली। वक्ताओं ने कहा कि सत्ता को इंसानी खून की आदत लग रही है, इसका पुरजोर विरोध ना हुआ तो, जो हमारे समाज के जो सबसे अच्छे इंसान हैं, गरीबों, वंचितों, मजदूरों, किसानों की आवाज़ उठाते हैं, उन्हें यह तानाशाही सरकार निगल जायेगी। आइए अपने लोकतंत्र की रक्षा के लिए उठें और इस हत्या के खिलाफ आवाज बुलंद करें। प्रदर्शन में नागेश्वर प्रसाद, अशोक रजक, रविन्द्र भारती, महेश सिंह, रामेश्वर यादव, दुर्गा प्रसाद राम, दशरथ पासवान, सकिंदर कुमार, सहदेव चौधरी, मथुरा रजक, बब्लू दास, हिरामन रजक, बीरेंद्र यादव, रवि यादव, मिथिलेश कुमार सहित दर्जनों लोग मौजूद थे।