कल झारखंड विधानसभा के 21 स्थापना दिवस पर सम्मानित होंगे सेवानिवृत शिक्षक किशोर वर्मा

रांची: झारखण्ड सरकार के संयुक्त सचिव संदीप कुमार के ज्ञापक 2242 दिनांक 09.11.21 एवं नवीन कुमार उप सचिव, झारखण्ड विधान सभा, राँची के पत्रांक 1945 दिनांक 19.11.21के आदेशानुसार शिक्षा के क्षेत्र मे राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित शिक्षकों को झारखण्ड विधान सभा की 21 वीं स्थापना दिवस (वर्षगांठ ) के अवसर पर 22 नवंबर को झारखण्ड के राज्यपाल रमेश बैस, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तथा विधान सभा अध्यक्ष रविंद्र महतो द्वारा संयुक्त रूप से सम्मानित किया जायेगा। लोहरदगा के तीन शिक्षकों जो झारखण्ड निर्माण के बाद राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त किये हैँ :गणेश लाल, किशोर कुमार वर्मा, बैधनाथ मिश्रा इन्हे जिला शिक्षा पदाधिकारी लोहरदगा के ज्ञापक 1239दिनांक 16.11.21-के द्वारा आमंत्रण के साथ भाग लेने की अनुमति प्रदान की गयी हैँ ! ऐसे तो लोहरदगा जिला ही एकमात्र ऐसा जिला हैँ जहाँ राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक लगभग 10 हैँ उनमे स्वर्गीय महेंद्र प्रसाद, स्वर्गीय नवल किशोर सिन्हा, स्वर्गीय रामवल्लभ भारती, स्वर्गीय दिनेश मिश्रा, एरेन मिंज, रामनिहोरा सिंह, गोवर्धन अधिकारी, सिस्टर मेरी ग्रेस आदि शामिल हैँ जिन्होंने बिहार के समय मे राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त कर लोहरदगा का नाम रोशन किये थे !झारखण्ड निर्माण के बाद सर्वप्रथम किशोर कुमार वर्मा (राजकीय कृत मध्य विद्यालय लोहरदगा, वर्तमान मे सेवानिवृत )द्वारा प्रथम राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त कर जिला को गौरान्वित किये थे जिन्होंने नक्सल छात्रों को मुख्यधारा मे जोड़ने के निमित्त पूर्व पुलिस अधीक्षक सुबोध प्रसाद के साथ मिलकर सराहनीय कार्य किये थे तथा एक सरकारी स्कूल को राज्य स्तर पर A ग्रेड और 5 स्टार बना कर शैक्षणिक माहौल बनाने का यादगार कार्य किये हैँ, प्रथम रेल बोगी नवाचार स्कूल मे बना कर बच्चों को आकर्षित और ठहराव करने का कार्य करके बच्चों के सर्वांगीण विकास मे सराहनीय कार्य किया गया था ! इस निमित्त 2017 मे मुख्यमंत्री सम्मान और 2019-20 का राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री विद्यालय स्वछता पुरस्कार मे अव्वल स्थान प्राप्त करा कर जिला का और सरकारी स्कूल का शान बढ़ाने मे सराहनीय योगदान रहा हैँ !वहीँ बैधनाथ मिश्रा जो लुथरेन उच्च विद्यालय लोहरदगा मे कार्य करते हुए 2008 मे गैलिलियो के नाम से प्रसिद्ध खगोल विज्ञानं पर कार्य करने पर राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त कर जिला का गौरव बढ़ाये हैँ वर्तमान सेवानिवृत होने के उपरांत भी ” भाष्कर एस्ट्रो असोसिएशन” के नाम से बच्चों को स्कूल -स्कूल जाकर खगोल विज्ञानं जो एक वृहद् कार्य हैँ की जानकारी दें कर सराहनीय कार्य कर रहे हैँ !गणेश लाल जो झारखण्ड मे सबसे युवा मे तथा कम उम्र मे राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षक हैँ जिन्होंने सीठियो मध्य विद्यालय सेन्हा मे अंग्रेजी मे बच्चों को धड़ल्ले से फर्राटेदार बोलने की कला विकसित कर सराहनीय कार्य करने पर राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त हुआ हैँ जो वर्तमान मे भी अपनी मंच संचालन की विद्धवता साबित कर रहे हैँ !