आजसू जिला कार्यालय में मना विश्व आदिवासी दिवस

रामगढ़ से वली उल्लाह की रिपोर्ट

रामगढ़: आजसू पार्टी जिला कार्यालय रामगढ में विश्व आदिवासी दिवस सोमवार को पार्टी के पदाधिकारियों द्वारा मनाया गया। बतौर मुख्य अतिथि नगर परिषद अध्यक्ष युगेश बेदिया,उपाध्यक्ष मनोज़ कुमार महतो उपस्थित थे। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर शहीदों के प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रधांजलि दिए।
मौके पर कार्यकर्ताओ को सम्बोधित करते हुए युगेश बेदिया ने कहा कि आजादी के इतने दिन बीत जाने के बाद भी देश की मूल आबादी आदिवासियों को आज भी संघर्षशील जीवन जीना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के लोगों को अपने हक व अधिकार के लिए आज भी लड़ाई लडनी पड रही है। आदिवासियों को संगठित होने की जरूरत है। बिना संगठित हुए सरकार व दूसरे समाज से अधिकार नही लिया जा सकता है।
मनोज़ कुमार महतो ने कहा कि झारखंड में आदिवासी समाज की पहचान व अस्तित्व खतरे में है,राज्य में आदिवसियों की संख्या निरन्तर घटती जा रही है। वर्तमान सरकार ने भी अपने मेनिफेस्टो में आदिवासियों के लिए कई वादें किये थे जिसमें सीएनटी एसपीटी एक्ट के सख्ती से पालन,वनाधिकार कानून को संविधान की आठवीं सूची में शामिल करने को लेकर भारत सरकार को प्रस्ताव भेजने की बात की गई थी। परंतु हकीकत के धरातल पर तस्वीर इससे उल्टा ही नज़र आता है।सीएनटी एसपीटी एक्ट के उल्लंघन कर आदिवासियों की जमीन लूटी जा रही है अवैध खनन चरम पर है सरकार के संरक्षण में खनिज सम्पदाओं का दोहन भी लगातार जारी है।साथ ही आदिवासी बेटी रुपा तिर्की हत्याकांड पर भी सरकार चुप्पी साधी है।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से आदिवासी महासभा के राजेश गोयनका,जिला अध्यक्ष महेश करमाली,पूर्व रामगढ़ प्रखण्ड अध्यक्ष बबलू करमाली,धर्मेंद्र साव भोपाली,नगर अध्यक्ष अरुण अग्रवाल,नीरज मंडल,कुलदीप वर्मा,छोटू पटेल,प्रदीप बेदिया,छोटू करमाली,संजय करमाली,शशि करमाली,रिंकू करमाली,अशोक बेदिया,अशोक मुंडा आदि अन्य लोग उपस्थित थे।