गमगीन माहौल में सुपुर्द-ए-खाक हुए शिक्षाविद अब्दुस सलाम खान

कामिल की रिपोर्ट
बसंतराय: गोड्डा जिले के बसंतराय प्रखंड अंतर्गत उच्च विद्यालय धपरा के सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक अब्दुस सलाम खान को शुक्रवार को गमगीन माहौल में उनके पैतृक आवास महेशटिकरी के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। इससे पूर्व पश्चिम बंगाल के पुरूलिया से उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव में पहुंचने पर आम लोगों के दर्शन के लिए रखा गया था, जहां बड़ी संख्या में लोगो ने उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। उनके जनाजे की नमाज में लोगो की भारी भीड़ देखी गई। पूर्व प्रधानाध्यापक को अंतिम विदाई देने आसपास के कई जिले से लोग महेशटिकरी आए थे। बड़ा हो या बच्चा सबकी आंखें नम थी। अपने चहेते शिक्षक के आखिरी दर्शन के लिए हर कोई बेकरार थे।
जानकारी हो कि गुरुवार को महान शिक्षाविद अब्दुस सलाम खान का 86 वर्ष की उम्र में पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में देहांत हो गया था। वह लंबे समय से बीमार थे। जिले के वरिष्ठ शिक्षाविदों में शुमार अब्दुस सलाम खान विज्ञान के बेहतरीन शिक्षक, कुशल वक्ता, सामाजिक कार्यकर्ता और अल्पसंख्यक समाज के संरक्षक भी माने जाते थे। बताया जाता है कि 1970 के दशक में बसंतराय क्षेत्र में माध्यमिक शिक्षा के लिए जब कोई संस्थान नहीं था, उस वक्त उन्होंने धपरा उच्च विद्यालय की स्वीकृति दिलाई थी। उनके इस कार्य में गोड्डा के ‘विकास पुरुष’ कहे जाने वाले तत्कालीन मंत्री स्वर्गीय हेमंत कुमार झा ने भरपूर मदद की थी।
उनके निधन पर इस इलाके में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। लोग मर्माहत हैं। अपने प्रिय शिक्षक के दुनिया को अलविदा कह देने से लोग शोक में डूबे हुए हैं।बिशनपुर मध्य विद्यालय के सेवानिवृत्त शिक्षक मोहम्मद खुर्शीद आलम सिद्दीकी ने बताया कि अब्दुस सलाम साहब बहुत अच्छे स्वभाव के कुशल विज्ञान शिक्षक थे। वह जब बच्चों का क्लास लेने के लिए आते थे तो बच्चे बहुत ही उत्सुकता पूर्वक पढ़ते थे। फिजिक्स में जब वह बच्चों को पढ़ाते थे जो बच्चे मन लगाकर पढ़ते थे और चाहते थे कि अब्दुस सलाम साहब और ज्यादा हम लोगों का क्लास लें।