प्रशासन ने महागामा की दो किशोरियों का रोका बाल विवाह

गोड्डा: शनिवार को प्रशासन के द्वारा दो नाबालिग लड़कियों को बाल विवाह का शिकार होने से रोका गया। उपायुक्त भोर सिंह यादव को एक गुप्त सूचना मिली थी कि महागामा प्रखंड के एक ही घर में दो नाबालिग लड़कियों की शादी तय की गयी है। उन्होंने जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी को मामले की जांच कर त्वरित कार्रवाई करने का निदेश दिया। मामले की जांच करने के लिए जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, थाना प्रभारी महागामा एवं प्रशासन की टीम उक्त गांव पहुंच कर बालिका के परिजनों से मिली और मामले की जांच की।
परिजनों ने बताया कि उनकी दो बेटियां जिनकी उम्र क्रमशः 14 एवं 12 वर्ष है, उनके लिए रिश्ते की बात चल रही है, शादी अभी नहीं हुई है। प्रशासन ने परिजनों को सख्त हिदायत दी कि यदि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 का उल्लंघन होता है, तो वे कार्रवाई करने के लिए बाध्य हो जाएंगे। बाल संरक्षण की टीम ने परिजन और परिवार के सदस्यों की काउंसलिंग की । परिजनों ने लिखित बॉन्ड समर्पित कर आश्वासन दिया कि वे अब अपने बच्चों का तय सीमा से पूर्व विवाह नहीं करेंगे।
ज्ञात हो कि बाल विवाह कानूनन अपराध है, जिसमें दोषी को एक लाख का जुर्माना और दो वर्ष का कारावास का प्रावधान है। कानून की नजर में बाल विवाह की वैधता नहीं है, वह शून्य है। विवाह के लिए लड़की की उम्र कम से कम 18 वर्ष एवं लड़के की उम्र कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए।मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी सह बाल विवाह प्रतिषेध पदाधिकारी, महागामा प्रवीण चौधरी, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी रितेश कुमार, थाना प्रभारी कृष्णा सिंह एवं अन्य उपस्थित हुए।