लंबी वार्ता के बाद कचरा प्रबंधन प्लांट का खुला ताला, डंप हुआ कचरा

– नप अध्यक्ष के अनुरोध पर माने ग्रामीण
– 8 नवंबर से पहले प्लांट चालू किए जाने के आश्वासन पर ग्रामीणों का विरोध पड़ा नरम

गोड्डा से अभय पलिवार की रिपोर्ट

गोड्डा: पिछले करीब 10 दिनों से सदर प्रखंड स्थित मुरलीडीह में ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट में ग्रामीणों द्वारा लगाया गया ताला गुरुवार को नगर परिषद अध्यक्ष जितेंद्र कुमार उर्फ गुड्डू मंडल की ग्रामीणों से मैराथन बैठक के बाद खोला गया। ताला खुलने के बाद कचरा डंप करने की प्रक्रिया फिर से प्रारंभ हुई । ग्रामीण इस शर्त पर ताला खोलने के लिए राजी हुए कि 8 नवंबर से पहले प्लांट में कचरा निस्तारण का कार्य शुरू हो जाएगा।
मालूम हो कि मुरलीडीह स्थित ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट में कचरा का रीसाइक्लिंग नहीं होने के परिणाम स्वरूप ग्रामीणों में आक्रोश गहराता जा रहा है। डंप किए गए कचरे से निकलने वाली दुर्गंध के कारण ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है। अपनी शर्तों के अनुसार आकांक्षा कंपनी कचरा निष्पादन करने में अब तक विफल सिद्ध हुई है। परिणाम स्वरूप प्रदूषण की मार झेल रहे ग्रामीणों ने 10 दिन पूर्व कचरा निस्तारण प्लांट में ताला जड़ दिया था। इसके कारण शहर से उठाए गए कचरे को फिर एक बार शहर के हृदय स्थल में स्थित पुराने सरकारी बस स्टैंड में जमा किया जा रहा था। सरकारी बस स्टैंड नगर परिषद कार्यालय के पीछे अवस्थित है, जहां से उठने वाली दुर्गंध के कारण शहरी क्षेत्र के नागरिकों में भी रोष गहराने लगा था। प्रदूषित वातावरण के कारण नगर परिषद के पदाधिकारी भी निशाने पर आने लगे थे।
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए नगर परिषद के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार उर्फ गुड्डू मंडल ने गुरुवार को सकारात्मक पहल की। नगर अध्यक्ष ने मुरलीडीह गांव पहुंचकर कचरा निस्तारण को ले ग्रामीणों के साथ मैराथन बैठक की। ग्रामीणों के बीच चली लंबी वार्ता के बाद ग्रामीण माने और प्लांट में कर्मियों को प्रवेश करने दिया गया। नगर परिषद अध्यक्ष जितेंद्र कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की मांग है कि प्लांट पूरी तरह से संचालित किया जाए, अन्यथा यहां पर कचरा का भंडारण नहीं होने दिया जाएगा। काफी मान मनौव्वल के बाद ग्रामीणों के साथ यह सहमति बनी कि 8 नवंबर के पहले प्लांट पूरी तरह से संचालित किया जाएगा। आकंक्षा ग्रुप के कर्मियों ने भी आश्वस्त कराया है कि तय समय पर प्लांट को चालू करा दिया जाएगा। तब जाकर प्लांट में दोबारा कचरा भंडारण के लिए कचरा वाहन को अंदर जाने दिया गया। आकांक्षा ग्रुप के कर्मियों को यह आदेश दिया गया कि कचरा का दुर्गंध कम हो इसके लिए दिन में तीन से चार बार स्प्रे किया जाए, जिससे आसपास के ग्रामीणों को समस्या का सामना करना नहीं पडे।