अंशकालीन शिक्षक भूखे मरने के कगार पर

मंत्री जोबा को सौंपा मांग पत्र
रामगोपाल जेना
चक्रधरपुर : कल्याण विभाग द्वारा संचालित अनुसूचित जनजाति आवासीय विद्यालयों में कुल 352 अंशकालीन शिक्षक कार्यरत है जहां अन्य सरकारी शिक्षकों की तरह है वह भी अपना योगदान पूरी निष्ठा से दे रहे हैं परंतु अब इन शिक्षकों की स्थिति दयनीय है।

लॉकडाउन से लेकर अब तक उन्हें दी जाने वाली मानदेय भी नहीं मिली है जिसके कारण उनके परिवार एवं सभी शिक्षक गण भूखों मरने की स्थिति में है क्योंकि उनका जीवन यापन इसी मानदेय से चल रहा है।

कल्याण मंत्री चंपई सोरेन के पास भी सभी शिक्षक गण मिलकर अपना निवेदन पत्र सौपें है जिसमें उन्होंने लॉकडाउन के मानदेय को देने एवं सभी शिक्षकों का समायोजन के साथ-साथ उचित मानदेय देकर कार्य विस्तार करने की मांग रखी गई है जिसकी सुनवाई अब तक नहीं हो पाई है।

ऐसे में सभी शिक्षकों को अपनी नौकरी खो देने की चिंता सता रही है , इससे पूर्व सभी शिक्षक गण माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी याचना कर चुके हैं और वे सभी इस मंत्री से उस मंत्री याचना लेकर पहुंचते हुए दिखाई दे रहे हैं परंतु अंशकालीन शिक्षक की संख्या कम होने के कारण उसकी सुनवाई नहीं हो पा रही है।

रविवार सुबह सभी अंशकालीन शिक्षकों ने पुनः अपना मांग पत्र महिला बाल विकास मंत्री जोबा मांझी को सौंपा है एवं उन्होंने भी बाकी मंत्रियों की भांति सिर्फ आश्वासन ही दिया है।

ऐसे में सभी शिक्षक 28 दिसंबर को मोराबादी मैदान में अपनी मांग को मनवाने हेतु अनशन पर जाने का निर्णय लिया है।

आज हुई बैठक अंशकालीन शिक्षक रघुनाथ महतो की अध्यक्षता में हुआ जहां अंशकालीन जिला अध्यक्ष आशुतोष कुमार समेत अन्य शिक्षक गण भी उपस्थित थे।