आसाढ़ी माधुरी पंचायत की मुखिया पर गिरी निलंबन की गाज

– लॉक डाउन के दौरान असहाय एवं जरूरतमंद गैर राशन कार्ड धारियों के बदले मुखिया ने चहेतों के बीच वितरित कर दिया था खाद्यान्न

-आकस्मिक खाद्यान्न निधि का अनाज चहेतों को बांट देने के आरोप में मुखिया के खिलाफ दर्ज कराई गई थी प्राथमिकी

– जांच के दौरान खुली थी मुखिया के काले कारनामों की कलई

– उप मुखिया उमेश सिंह को मिला मुखिया का प्रभार

गोड्डा से अभय पलिवार की रिपोर्ट
गोड्डा: जानलेवा कोरोनावायरस के चेन को तोड़ने के लिए जारी लॉक डाउन के दौरान भी गरीबों एवं जरूरतमंदों की उपेक्षा तथा अपने चहेतों को लाभान्वित करना पोड़ैयाहाट प्रखंड के आषाढ़ी माधुरी पंचायत की मुखिया सोनी कुमारी को अंततः बहुत भारी पड़ा। संकट की इस घड़ी में भी असहाय एवं लाचार लोगों के प्रति असंवेदनशील रवैया के कारण मुखिया पर निलंबन की गाज गिरी। सोनी कुमारी को मुखिया पद से निलंबित कर उप मुखिया उमेश कुमार सिंह को मुखिया का प्रभार सौंपा गया है। मुखिया को निलंबित करने एवं उप मुखिया को मुखिया का प्रभार सौंपने संबंधी आदेश उपायुक्त किरण पासी द्वारा जारी कर दिया गया है।
मालूम हो कि लॉक डाउन के दौरान गरीबों एवं जरूरतमंदों के दर्द को महसूसते हुए सरकार द्वारा गैर राशन कार्डथारी गरीब एवं असहाय लोगों को आकस्मिक खाद्यान्न निधि से 10-10 किलो खाद्यान्न देने के लिए मुखिया को आवंटित किया गया था। लेकिन आसाढ़ी माधुरी पंचायत की मुखिया द्वारा गरीब, लाचार एवं जरूरतमंद लोगों को खाद्यान्न देने के बदले अपने चहेतों के बीच वितरित कर दिया गया था।
गोड्डा के उप निर्वाचन पदाधिकारी सह प्रभारी जिला जनसंपर्क अधिकारी विवेक सुमन जब 10 अप्रैल को योजना के अनुश्रवण एवं निरीक्षण के लिए पंचायत गए थे , उस दौरान मुखिया की दबंगई एवं अनियमितता का खुलासा हुआ। श्री सुमन को समाज के कमजोर वर्ग के लोगों ने यह भी जानकारी दी थी कि पंचायत भवन नियमित नहीं, गाहे-बगाहे खुलता है। लेकिन पंचायत भवन में कमजोर वर्ग के लोगों को प्रवेश करने नहीं दिया जाता है। श्री सुमन ने अपने जांच प्रतिवेदन में लिखा था कि मुखिया दबंगों से घिरी रहती हैं। जब कमजोर वर्ग के लोग पंचायत भवन जाते हैं तो मुखिया के इर्द गिर्द जमे दबंगों द्वारा कमजोर वर्ग के लोगों को गाली गलौज करते हुए भगा दिया जाता है।
उप निर्वाचन पदाधिकारी के जांच प्रतिवेदन के आधार पर 12 अप्रैल को पोड़ैयाहाट थाना में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा मुखिया के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
इस बीच जिला पंचायती राज पदाधिकारी द्वारा भी 15 अप्रैल को पत्र जारी कर मुखिया से आरोपों के बाबत 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया था। स्पष्टीकरण का जवाब तैयार के क्रम में मुखिया समर्थकों द्वारा पंचायत के दलित समुदाय के लोगों से सादा कागज पर जबरन हस्ताक्षर कराने का प्रयास किया गया था। इस क्रम में मुखिया समर्थक एवं विरोधी के बीच झड़प भी हो गई थी। यह मामला स्थानीय थाना तक जा पहुंचा था।
जिला पंचायती राज पदाधिकारी द्वारा 15 अप्रैल को मांगे गए स्पष्टीकरण का जवाब मुखिया द्वारा 21 अप्रैल को समर्पित किया गया। लेकिन स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए जाने के कारण उपायुक्त ने सोनी कुमारी को मुखिया पद से निलंबित करने एवं उप मुखिया उमेश कुमार सिंह को प्रभारी मुखिया बनाए जाने का आदेश निर्गत किया।
सूत्रों के अनुसार, सोनी कुमारी को मुखिया पद से हटाए जाने एवं उमेश कुमार सिंह को मुखिया बनाए जाने पर पंचायत के आम लोगों में खुशी की लहर है। हालांकि जिला प्रशासन के इस निर्णय से निलंबित मुखिया सोनी कुमारी एवं उनके समर्थक दबंगों को जोरदार झटका लगा है। वहीं पंचायत के आम लोगों, खासकर कमजोर तबके के लोगों में काफी खुशी दिखाई पड़ रही है।

गोड्डा पोड़ैयाहाट अंतर्गत आषाड़ी माधुरी पंचायत के मुखिया का यह पदभार उमेश कुमार सिंह को दिया गया। ज्ञात हो कि आषाड़ी पंचायत के पूर्व मुखिया सोनी कुमारी के विरूद्ध सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज है बताया जा रहा है कि पूरे पंचायत में एक खुशी का माहौल दिखाई दे रहा है ग्रामीणों ने बताया कि मुखिया उमेश कुमार सिंह पर हम सभी पंचायत वासियों को पूरा भरोसा है और पंचायत को एक आदर्श पंचायत बनाने का काम करेंगे।