जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में जागरूकता शिविर आयोजित

रामगोपाल जेना
चाईबासा : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार नई दिल्ली एवं झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार रांची के निर्दशानुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार प. सिंहभूम के अध्यक्ष सह प्रधान ज़िला एवम् सत्र न्यायधीश मनोरंजन कबी के तत्वाधान में झींकपानी प्रखंड के तीन पंचायतो कैलेंडे, जोडापोखर एवं नवागांव मे अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी पोड़ाहाट मिलन कुमार की अध्यक्षता में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन हुआ।
श्री कुमार ने उपस्थित ग्रामीणों को सरकार के द्वारा लागू योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी एवं उन्हें उनके अधिकार और कर्तव्य के प्रति जागरूक भी किया। उन्होंने लोगों को बताया की आर्थिक और सामाजिक स्तर पर पिछड़े वर्गों के लिए विशेष रूप से प्राधिकार अपनी सेवाएं देने को प्रतिबद्ध है, जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ उठाना चाहिए साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा प्रदत्त निशुल्क विधिक सेवाओं के बारे में बताते हुए विधिक सहायता प्राप्त करने की विधि भी बताई। इस अवसर पर श्री कुमार ने झारखंड सरकार द्वारा संचालित सोना सावरन धोती साड़ी योजना के तहत सामग्री का वितरण भी ग्रामीणों के बीच किया।
कार्यक्रमों में उपस्थित प्रखंड विकास पदाधिकारी झींकपानी ने प्रखंड स्तरीय विभिन्न योजनाओं, विधवा पेंशन योजना, कृषि संबंधित योजना, ग्रामीण विकास योजनाओं तथा मनरेगा के अंतर्गत मिलने वाले लाभ की जानकारी दी।
तीनों पंचायतों में करीब 80 से 100 के बीच ग्रामीण उपस्थित थे, इस दौरान झींकपानी थाना प्रभारी झींकपानी ऱवि रञन् ने भी लोगों को संबोधित करते हुए मानव तस्करी के विरुद्ध सचेत किया तथा इसके दुष्परिणाम और अधिनियम की जानकारी दी
प्राधिकार के पैनल अधिवक्ता अजीत विश्वकर्मा ने भी ग्रामीण जनता को संबोधित करते हुए उन्हें बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों से बचने के लिए प्रेरित किया किया तथा बताया कि बाल विवाह की सूचना त्वरित प्रखंड विकास पदाधिकारी तक पहुंचनी चाहिए, समाज के सर्वांगीण विकास में हम सभी को समान रूप से अपनी भूमिका तय करनी है।
पीएलवी रेनू देवी के द्वारा डॉमेस्टिक वायलेंस एक्ट एवं डायन प्रथा के कुरीतियों के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया।
अभियान के दौरान मोबाइल वैन से कई अन्य ग्रामों सिंहपोखरिया टंगलुई, जोरापोखर, ट्यूटगुटू और बिस्टुमपुर में भी झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा प्रदत विधिक सूचना पुस्तकों का वितरण और प्रचार भी किया गया। उपरोक्त जानकारी प्राधिकार के प्रभारी सचिव सह मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी श्री शंकर महाराज ने दी।