महिलाओं को जागरूक करेगा जागरूकता रथ

– डीसी एवं एसपी ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
गोड्डा: गुरुवार को समाहरणालय स्थित परिसर से महिलाओं को जागरूक करने के लिए वन स्टॉप सेंटर के प्रचार प्रसार के लिए समाज कल्याण विभाग की ओर से जागरूकता रथ एवं रैली निकाली गई। उपायुक्त भोर सिंह यादव एवं पुलिस अधीक्षक वाईएस रमेश के द्वारा के द्वारा संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर इस जागरूकता रथ एवं रैली को रवाना किया गया। इस मौके पर समाज कल्याण पदाधिकारी कलानाथ के द्वारा शपथ दिलाई गई कि, “आज अंतर्राष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस पर हम शपथ लेते हैं कि हम प्रत्येक महिला को उसके अधिकार के प्रति जागरूक बनाएंगे और प्रत्येक महिला को सशक्त बनाते हुए हिंसा से मुक्ति दिलाएंगे। जो हमसे टकराएगा चूर चूर हो जाएगा।”
इस मौके पर उपायुक्त ने रैली के उद्देश्य को लेकर बताया कि परिवार के भीतर या कार्यस्थल पर या समुदाय के भीतर, निजी या सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली हिंसा से प्रभावित महिलाओं का समर्थन करना है।यह रैली विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए है, जो अपनी जाति, पंथ, नस्ल, वर्ग, शिक्षा की स्थिति, उम्र, संस्कृति या वैवाहिक स्थिति के बावजूद यौन, शारीरिक, मनोवैज्ञानिक, भावनात्मक और आर्थिक शोषण का सामना करती हैं। उनकी सुरक्षा करना हमारे कर्तव्य बनते हैं।

क्या है वन स्टॉप सेंटर

वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) का उद्देश्य निजी और सार्वजनिक स्थानों पर, परिवार, समुदाय और कार्यस्थल पर हिंसा से प्रभावित महिलाओं की सहायता करना है। उम्र, वर्ग, जाति, शिक्षा की स्थिति, वैवाहिक स्थिति, नस्ल और संस्कृति के बावजूद शारीरिक, यौन, भावनात्मक, मनोवैज्ञानिक और आर्थिक शोषण का सामना करने वाली महिलाओं को समर्थन और निवारण के साथ सुविधा प्रदान की जाएगी। यौन उत्पीड़न, यौन उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, तस्करी, सम्मान संबंधी अपराध, एसिड अटैक या डायन-हंटिंग के कारण किसी भी प्रकार की हिंसा का सामना करने वाली पीड़ित महिलाएं जो ओएससी तक पहुंच गई हैं या उन्हें संदर्भित किया गया है, उन्हें विशेष सेवाएं प्रदान की जाएगी।
इस योजना के तहत, पहले चरण में, चिकित्सा, कानूनी और मनोवैज्ञानिक सहायता सहित सेवाओं की एक एकीकृत श्रेणी तक पहुंच की सुविधा के लिए प्रत्येक राज्य,केंद्र शासित प्रदेश में एक ओएससी स्थापित करने की परिकल्पना की गई है। इसके अलावा, पहले चरण में 36 केंद्रों के अलावा 2016-17 के दौरान दूसरे चरण में 150 अतिरिक्त केंद्र बनाए गए हैं। वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-2020 के दौरान प्रत्येक में 50 अतिरिक्त वन स्टॉप सेंटर स्थापित किए गए हैं।
ओएससी को 181 और अन्य मौजूदा हेल्पलाइनों के साथ एकीकृत किया जाएगा। हिंसा से प्रभावित और निवारण सेवाओं की आवश्यकता वाली महिलाओं को इन हेल्पलाइनों के माध्यम से ओएससी के पास भेजा जा सकता है।
इस मौके पर उप विकास आयुक्त चंदन कुमार, विधि शाखा प्रभारी सह जिला सहकारिता पदाधिकारी सुजीत कुमार , स्वास्थ विभाग के पदाधिकारी डॉक्टर निर्मला बेसरा, सीडीपीओ गोड्डा भारती, समाज कल्याण विभाग के कर्मी गण सहित अन्य उपस्थित थे।