भारत बंद के समर्थन में सड़क पर उतरे भाकता व माले के कार्यकता

मेदिनीनगर: आज देशव्यापी भारत बंद के तहत भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी माले ने अपना अपना पार्टी के जिला कार्यालय से जुलूस निकालकर मेदनीनगर छः मुहान चौक पर पहुंचकर चौहान को जाम कर दिया गया।यह बंद मोदी सरकार के द्वारा बनाई गई कृषि सुधार में तीन कानून को रद्द करने हेतु आंदोलित किसान संगठनों के आवाहन पर भारत बंद के समर्थन में वामपंथी पार्टियों ने जुलूस निकालकर अन्य स्थानों को जाम करते हुए पूरे बाजार रेडमा ,कचहरी ,बस स्टैंड ,आदि क्षेत्रों का भ्रमण कर बंद को सफल बनाने के लिए अपना अपना काम को ठप कर बंद में सहयोग करने की अपील की। बंदी का असर पूरे शहर में देखा गया और बंदी पूर्णता सफल रहा। बंदी के दौरान भाकपा के राज्य कार्यकारिणी सदस्य सूर्यपत सिंह ने कहा कि मोदी सरकार के द्वारा बनाया गया कृषि सुधार के नाम पर यह कानून पूर्णतः कारपोरेट पक्षी है और यह अदानी अंबानी के द्वारा कृषि क्षेत्र में उनका पूंजी निवेश कर कृषि क्षेत्र का 42 हजार करोड़ रुपए के व्यापार का स्वामित्व स्थापित करने के लिए उनके इशारा पर यह कानून बनाया गया है। भाकपा के जिला सचिव रूचिर कुमार तिवारी ने कहा कि मोदी सरकार के द्वारा संसद में पास कराए किसान विरोधी कारपोरेट पक्षी तीन कृषि सुधार अधिनियम को पूर्णता लागू हो जाने पर किसानों के जमीन का मालिक एवं कृषि व्यापार का स्वामित्व पूर्ण रूप से कंपनी के हाथ में चला जाएगा जिससे महंगाई दुगनी होगी और किसानों का जमीन एवं पैदावार कारपोरेटो का हो जाएगा। किसान अपना ही जमीन पर मजदूर बनकर काम करने को बाध्य हो जाएगा दूसरी ओर कृषि उपज व्यापार पर पूर्ण रूप से पूंजीपतियों का एकाधिकार हो जाएगा , जमाखोरी बढ़ेगी । बंदी के दौरान भाकपा के केडी सिंह, सुरेश ठाकुर, जितेंद्र सिंह, कुलदीप राम, फेकन उरांव, राजदेव उरांव, प्रभु कुमार शर्मा, श्रद्धानंद, राजीव रंजन, संजीव कुमार संजू, तिवारी, शैलेंद्र उरांव, चंद्रशेखर तिवारी, अजय चौहान, धीरज दुबे, आलोक कुमार तिवारी, इप्टा के उपेंद्र मिश्रा, शैलेंद्र कुमार,रवि शंकर, प्रेम प्रकाश, बिहारी मजदूर यूनियन के राजीव कुमार, भाकपा माले के जिला सचिव आरएन सिंह, राज परिषद सदस्य रविन्द्र भूइंया, आयशा के जिला अध्यक्ष दिव्या भगत, रसोईया संघ के अनीता देवी, झारखंड क्रांति मंच के केंद्रीय अध्यक्ष शत्रुघ्न कुमार शत्रु सहित अनेकों लोगों के अलावे अन्य सभी विपक्षी पार्टियों के लोग भी बंदी में शामिल थे।