बिरसा मुंडा ने 1898 में चुटिया में अबुआ दिसुम अबुआ रा इज का संकल्प लिया था : राजू महतो

बिरसा मुंडा की 146 वीं जयंती मनाई गई

रांची: झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में आज बिरसा मुंडा की 146 वां जयंती समारोह चुटिया स्थित राधाबल्लभ मंदिर प्रांगण में मनाया गया। आंदोलनकारियों ने भगवान बिरसा मुंडा को नमन करते हुए उनके चित्र पर माल्यार्पण किये, अगरबत्ती जलाए व पुष्पांजलि अर्पित किए। उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया।
इस अवसर पर झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष व आदिवासी मूलवासी जन अधिकार मंच के अध्यक्ष राजू महतो ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने 1898 ईस्वी में चुटिया के राधाबलभभ में आए थे, ब्रिटिश हुकूमत से मुक्ति के लिए आबूआ दिसुम आबुअा रा इज का संकल्प इसी मंदिर में लिए थे, ऐतिहासिक प्रमाण आज भी सजीव है। बिरसा मुंडा के बताए पथ पर चलकर ही झारखंड को शोषण मुक्त बनाया जा सकता है।

बिरसा मुंडा के ऊपर लगाए कलंक को झारखंड वासी धोने का काम करेंगे : पुष्कर महतो

झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के प्रवक्ता पुष्कर महतो ने कहा कि अलग राज्य बनने के बाद हमारे महान स्वतंत्रता सेनानियों ने इस देश का गौरव को बढ़ाया है। लड़ाई लड़ने, संघर्ष करने का रास्ता दिखाये है। हर दौर में बिरसा मुंडा को बदनाम करने का षड्यंत्र रचा जाता रहा है। जैसा कि वर्ष 1898 में अंग्रेज सरकार के मद्रासी ब्राह्मण सैनिकों ने चामुंडा के साथ षड्यंत्र किया उनके ऊपर आरोप मढ़ दिया गया कि वे चुटिया स्थित राधाबल्लभ मंदिर की तोड़फोड़ किए थे मूर्तियां को विध्वंस किए थे वगैरा-वगैरा या सत्य से परे है जिसकी जितनी निंदा की जाए आज की तारीख में कम है झारखंडवासी बिरसा मुंडा के ऊपर लगे इस कलंक को धोने का काम करेंगे और चुटिया स्थित मंदिर में प्रांगण में बिरसा जी की प्रतिमा राज्य सरकार पहल करके लगाएं।
इस अवसर पर झारखंड आंदोलनकारी सर्जन हांसदा,दिवाकर साहू,रोहित ठाकुर, सरोजिनी कच्छप विनीता खलखो, लोलीन टोप्पो,नकुल नायक सहित अन्य उपस्थित थे।