भाजपा ने जिले के किसानों के साथ राज्य सरकार के खिलाफ धरना दिया

मेदिनीनगरः  किसानों के धान क्रय नहीं करने एवं क्रय किए धान का भुगतान नहीं करने के खिलाफ भाजपा ने राज्य सरकार के खिलाफ एक दिवसीय धरना दिया।इस अवसर पर सभी भाजपाइयों ने गांवो में जाकर किसानों के साथ उनके खेतों में धरना दिया।धरने में उपस्थित किसानों ने बीजेपी आईटी सेल के फेसबुक लाइव के माध्यम से झारखंड सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
इस अवसर पर प्रदेश मंत्री विवेक भवानी सिंह ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को भुगतान ना कर उनके पेट पर तो लात मार ही रही है उनको मानसिक रूप से प्रताड़ित भी कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारे अन्नदाताओं के साथ ऐसा दुर्व्यवहार अब हम बर्दाश्त नहीं करेंगे।
प्रदेश प्रशिक्षण प्रमुख मनोज सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों का धान क्रय करने में काफी विलंब किया।जिसके कारण कई किसानों के धान या तो रखे रखे खराब हो गए या फिर औने पौने दामों पर धान बिचौलियों को बेचने पर मजबूर हो गए।राज्य सरकार की ढुलमुल रवैए के कारण राज्य के किसान बहुत परेशान है।उन्होंने कहा कि यदि किसानों को जल्द से जल्द भुगतान नहीं किया गया तो भाजपा फिर सड़क पर आंदोलन करने को बाध्य होगी।
जिलाध्यक्ष विजय नंद पाठक ने कहा कि अभी तक सिर्फ 45% किसानों के धान ही खरीदारी राज्य सरकार द्वारा की गई है। जिसका भुगतान नवम्बर2020 से अब तक नहीं हुआ है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग करते हुए कहा कि किसानों का बकाया भुगतान करते हुए शेष 55% किसानों की भी धान की खरीदारी जल्द से जल्द शुरू हो अन्यथा भाजपा किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सरकार का विरोध करने को तैयार है।
पलामू सांसद विष्णु दयाल राम ने चैनपुर प्रखंड के बंदुआ ग्राम में स्थानीय किसानों के साथ धरना देते हुए कहा कि राज्य सरकार की किसान विरोधी नीतियों एवं उदासीनता के चलते किसानों का धान का क्रय और भुगतान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने घोषणा किया था कि धान क्रय के 3 दिन के अंदर 30% और शेष भुगतान 30 दिनों के अंदर कर लिया जाएगा पर ऐसा कुछ हुआ नहीं। उन्होंने कहा कि जब भाजपा की सरकार राज्य में थी तब किसानों को 1 सप्ताह के भीतर पूरा भुगतान कर दिया जाता था।पर सरकार बदलते ही हेमन्त सरकार हर मोर्चे पर विफल नजर आ रही है।
विश्रामपुर विधायक रामचंद्र चंद्रवंशी ने कहा कि धान बुवाई का समय आ गया है और धान के बीज एवं खाद की खरीददारी के लिए किसानों के पास पैसे नहीं हैं। किसानों को भुगतान न कर राज्य सरकार किसानों के साथ घोर अत्याचार कर रही है।
डालटनगंज विधायक आलोक चौरसिया ने कहा कि धान बोने का समय आ गया है और अधिकतर किसान इस आशा में हैं कि शेष धान जो घरों में बचे हैं वो सरकार खरीदेगी और भुगतान के पैसे से पुनः धान की बुवाई करने की तैयारी करेंगे।लेकिन राज्य सरकार के असंवेदनशीलता के कारण किसानों के बीच विकट स्थिति उत्पन्न हो गई है और किसान काफी हताश और निराश हैं।
पांकी विधायक शशिभूषण मेहता ने कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जहां नवंबर में धान की खरीदारी का आदेश जारी करते हैं वही 8 दिन के बाद कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व राज्य सरकार के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने धान की खरीद पर यह कहते हुए रोक लगा देते हैं कि धान अभी गीले हैं, धान जब सुख जाएगा तब खरीदा जाएगा और अब किसानों का धान घर में पड़े पड़े सढ़ने लगा है।
पाटन छतरपुर विधायक पुष्पा देवी ने कहा कि बात चाहे किसानों के ऋण माफी,धान की खरीद या बकाए राशि के भुगतान की हो। हेमन्त सरकार ने अबतक किसानों को धोखा देने का ही काम किया है। इस धोखेबाजी के खिलाफ हम किसानों की आवाज है। किसानों के साथ ऐसा अन्याय किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नही किया जाएगा।