मुख्य मांगों को लेकर बोकारो प्लांट का चक्का जाम

बोकारो से जय सिन्हा
बोकारो: बोकारो वेज रिवीजन सहित अन्य मांगों को लेकर पूर्व घोषित बोकारो स्टील प्लांट में हड़ताल को लेकर आज सुबह से ही इसका असर दिखने लगा है ।प्लांट गेट के बाहर और अंदर मजदूर यूनियन के नेता और सेल कर्मी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। प्लांट गेट में ऐसे पर मजदूर यूनियन के नेताओं के बीच आपसी तकरार भी देखी गई मजदूर यूनियन मजदूरों को प्लांट में प्रवेश करने से रोकने का भी काम कर रहे है। मजदूर यूनियन 5 वर्षों से लंबित वेज रिवीजन सहित अन्य मांगों को लेकर इस हड़ताल को करने की घोषणा की है ।पूर्व से सेल प्रबंधन और एनजेसीएस के नेताओं के बीच कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन बात नहीं बनी तो आखिरकार आज हड़ताल पर मजदूरों को जाना पड़ा है। आज के इस हड़ताल में प्लांट में काम करने वाले स्थाई और अस्थाई ठेका कर्मियों ने प्लांट के कार्य को ठप कर दिया है ।इस हड़ताल से बोकारो स्टील प्लांट को करोड़ों रुपए के नुकसान होने का अंदाजा जगाया जा रहा है ।मजदूर यूनियन के नेताओं ने इस हड़ताल के लिए सेल प्रबंधन की हठधर्मिता को जिम्मेदार ठहराया है। नेताओं ने कहा कि यह हड़ताल सेल अधिकारियों के मजदूरों के प्रति गैर जिम्मेदाराना पूर्ण रवैया के कारण करना पड़ा है।

मजदूरों की क्या है मांग

मांग वेज रिवीजन 1-1-2017 से वेज रिवीजन बकाया है ।पहले 5 साल पर वेज रिवीजन होता था। उसके बाद 10 साल पर करने का निर्णय सेल के द्वारा लिया गया। इस 10 साल के निर्णय के बाद भी अभी तक 57 महीना पूरा होने के बाद भी वेज रिवीजन नहीं मिला है । इसके अलावा 15 परसेंट एमजीबी 35 परसेंट पर्क, 9 परसेंट पेंशन अंशदान, ग्रेजुटीं से सीलिंग हटाने, लिव-इन कैशमेंट, ठेकेदार मजदूरों का नया वेतन, 1-1 – 2017 से एरियल का भुगतान परंतु सेल अप्रैल 2020 से एरिया देना चाहता है । इन सभी मांगों के अलावा कई और मांगों को लेकर आज बोकारो स्टील प्लांट के अंदर सयुंक्त मोर्चा ने बंद किया गया है ।