अगवा किए गए दोनों युवक पहुंचे अपने गांव

– करीब 48 घंटे बाद ग्रामीणों ने समाप्त किया सड़क जाम

गोड्डा से अभय पलिवार की रिपोर्ट
गोड्डा : ललमटिया थाना क्षेत्र के भेरंडा गांव के अगवा किए गए दोनों आंदोलनकारी युवक सकुशल अपने गांव पहुंच गए हैं। रमेश किस्कू जहां मंगलवार की रात ही अपने घर पहुंच गए थे, वहीं रवि लाल हेंब्रम बुधवार को पुलिस अभिरक्षा में अपने घर पहुंचे। दोनों आंदोलनकारी युवकों के सकुशल गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त कर दिया।
रविलाल हेंब्रम को मंगलवार को ही अपहर्ताओं ने मुक्त कर दिया था। अपहर्ताओं के चंगुल से आजाद होने के बाद वह लिट्टीपाड़ा थाना पहुंचा था। वहां से पुलिस द्वारा उसे गोड्डा लाया गया। बुधवार को अपने कार्यालय कक्ष में पुलिस अधीक्षक ने रवि लाल हेंब्रम को मीडिया के समक्ष प्रस्तुत करने के बाद पुलिस अभिरक्षा में उसे गांव भेज दिया।
पुलिस अधीक्षक वाईएस रमेश ने बताया कि अपहरण के बिंदुओं पर पुलिस गंभीरता पूर्वक छानबीन कर रही है। छानबीन के दौरान विरोधाभासी बातें सामने आ रही है। उन्होंने बताया कि जिस गाड़ी से कथित अपहर्ताओं द्वारा रवि लाल हेंब्रम के अपहरण करने की बात कही जा रही है, उस गाड़ी के चालक एवं मालिक से भी पुलिस ने पूछताछ की है।
अपहर्ताओं के चंगुल से मुक्त होने के बाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए रवि लाल हेंब्रम ने कहा कि जल, जंगल एवं जमीन की लड़ाई लड़ने के कारण ही उसका अपहरण किया गया। उसने कहा कि भेरंडा एवं आसपास के तीन गांव के लोग ईसीएल की राजमहल परियोजना, ललमटिया को जमीन देना नहीं चाहते हैं। श्री हेंब्रम ने कहा कि वह ग्रामीणों के आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। इसलिए परियोजना प्रबंधन के इशारे पर उस पर दबाव बनाने के लिए अपहरण कराया गया। उसने कहा कि जल, जंगल, जमीन की लड़ाई रुकने वाली नहीं है। यदि ग्रामीण परियोजना को जमीन दे देंगे तो फिर ग्रामीणों के पास कुछ नहीं बचेगा। उसने बताया कि अपहर्ताओं द्वारा उसे दुमका जिले में छोड़ा गया। अपहर्ता आपस में बात रहे थे कि ग्रामीणों के रोड जाम के कारण दबाव बढ़ गया है। इसलिए छोड़ दे रहा हूं। रवि लाल ने बताया कि छोड़े जाने के बाद वह बस से लिट्टीपाड़ा पहुंचा और थाना चला गया।
मालूम हो कि दोनों युवकों की सकुशल रिहाई की मांग को लेकर ललमटिया थाना क्षेत्र के तीन गांव के लोगों ने सोमवार को सुबह करीब 8 बजे से ललमटिया- बोआरीजोर पथ जाम कर दिया था। बुधवार को जाम समाप्त किया गया।
मालूम हो कि रवि लाल हेंब्रम एवं उसके आंदोलनकारी साथी रमेश किस्कू का रविवार को अपहरण किया गया था।