बुटबेरिया मौजा में जमीन दलालों ने फिर किया हिमाकत अवेद्ध एवं सरकारी जमीन पर निर्माण कार्य प्रारंभ

जामताड़ा से राजकिशोर सिंह की रिपोर्ट

जामताड़ा : जामताड़ा के मिहिजाम में 38 एकड़ जमीन का घोटाला का मामला एक बार फिर जोर पकड़ने लगा है । सीओ और सीआई की मिलीभगत से नन सेलेबुल और नन ट्रांसफरेबल जमीन की गलत रिपोर्ट तैयार कर उसे बिक्री योग्य बता दिया था । उसी रिपोर्ट के आधार पर 38 एकड़ जमीन 310 लोगों को बेच दी गई। यह खरीद.बिक्री संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम 1949 का उल्लंघन है। सीओ की रिपोर्ट पर अवर निबंधक जामताड़ा द्वारा इन अविक्रयशील एवं अहस्तांतरणीय जमीन का निबंधन किया गया था । बाद में सीओ ने इस जमीन का नामांतरण भी कर दिया था । मामला वर्ष 2014.15 का हैण् मामला उजागर होने के बाद तात्कालीन सीओ व कर्मचारियों पर कार्रवायी भी हुई थी । वहीं अनुमंडल न्यायालय से इस जमीन का डीड भी निरस्त किया गया था । लेकिन एक बार भी उक्त विवादित स्थल पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है । जिसके बाद मामला एक बार फिर गर्म हो गया है और डीसी को भी इस संदर्भ में आवेदन देकर कार्रवायी की मांग की गई है ।

भाजपा कार्यकर्ता ने डीसी को दिया को दिया आवेदन

बीते 29 सितंबर को स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता पवन एवं ब्रजेश ने इस संदर्भ में डीसी को आवेदन देकर कार्रवायी की मांग की है । आवेदक का कहना है कि जब बुटबेरिया मौजा नं0.17 अंर्तगत जमीन के गलत तरीके स्वरुप बदलकर बेचने और निबंधित करने के मामले में संबंधित तात्कालीन कर्मियों और पदाधिकारी पर कार्रवायी करते हुए अनुमंडल न्यायालय से बंदोबस्ती रद्द कर दिया । उसके बाद भी उक्त मौजा में निर्माण कार्य हो रहा है । इस पर तत्काल रोक लगाते हुए कार्रवायी की मांग की है ।