कुजू नदी में अतिक्रमण कर घेराबंदी का मामला: चढ़ाई पीढ़ से बढ़कर कुजू गांव तक फैली विरोध की लहर

कुजू रैयतों की आग्रह पर बैठक में शामिल हुए विधायक दीपक बिरुवा
रामगोपाल जेना
चाईबासा। सरायकेला खरसावां जिला अंतर्गत कुजू गांव में रैयतों की बैठक मंगलवार को हुई। रैयतों की आग्रह पर चाईबासा के विधायक दीपक बिरुवा और झामुमो केंद्रीय सदस्य सुभाष बनर्जी भी शामिल हुए। बैठक में रैयतों और महिला समितियों ने विधायक  के समक्ष अपनी समस्याओं को रखा। रैयतों ने कहा कि ईचा खरकाई कुजू नदी के कैचमेंट एरिया में अतिक्रमण कर कंपनी द्वारा जो घेराबंदी की जा रही है, उससे गोचर ( पशुओं के चलने की जमीन )जमीन खत्म हो गई है। वहीं ग्रामीणो को खेती-बाड़ी नहीं कर पा रहे हैं। नदी किनारे घेराबंदी अंदर जानेपर कंपनी द्वारा तैनात लोग धमकाते हैं। कुजू के रैयतों ने उक्त समस्याओं का जिक्र विधायक दीपक बिरुवा के समक्ष करते हुए मेसर्स एस आर रुंगटा ग्रुप द्वारा घेराबंदी करने का पुरजोर विरोध किया और रैयतों की समस्या दूर कराते हुए घेराबंदी हटाने की गुहार लगाई। इसी तरह की एक बैठक सोमवार को भी सदर प्रखंड अंतर्गत गुनाबासा गांव में हुई। वहां भी रैयतों ने एकमत में कंपनी द्वारा कुजू नदी कैचमेंट एरिया में घेराबंदी का विरोध किया।
कुजू गांव की बैठक में मुंडा रमेश हेंब्रम, नोकेए हेंब्रम, जानो हेंब्रम, सुनिका हेंब्रम, नरसिंह हेंब्रम, गुनाराम हेंब्रम, सावित्री हेंब्रम, गुरवारी सिद्धू, सुनीता सरदार, सुरेंद्र सरदार उपस्थित थे।