सही और वाजिब है सीबीएसई का मार्किंग स्कीम : नीलकमल

रिजल्ट से संतुष्ट नहीं हैं, तो दे सकेंगे फिर से परीक्षा।

बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए क्वेश्चन-आंसर सेशन का आयोजन

रामगढ़ : सीबीएसई क्लास 10 एवं 12 की परीक्षा रद्द होने के बाद से ही छात्रों व अभिभावकों के मन में कई तरह के सवाल उमड़ रहे हैं। सीबीएसई ने इस संबंध में अपनी मार्किंग स्कीम घोषित कर सभी को समझाने का प्रयास किया है कि बच्चों का रिजल्ट किस आधार पर तैयार होगा। बावजूद इसके मार्किंग स्कीम को अच्छे ढंग से नहीं समझ पाने के कारण कई विद्यार्थी और अभिभावक अभी भी पैनिक हो रहे हैं। यह बात श्री अग्रसेन स्कूल, भुरकुंडा की प्राचार्या नीलकमल सिन्हा ने बच्चों व अभिभावकों के लिए आयोजित ऑनलाइन फ्रिकुएंटली आस्कड क्वेश्चन सेशन में कही।

प्राचार्या ने कहा कि बच्चे या अभिभावक को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं हैं। सीबीएसई का मार्किंग स्कीम सही, वाजिब और प्रभावी है। इससे विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम आशा के अनुरूप रहेगा। उन्होंने क्लास 10 एवं 12 के मार्किंग स्कीम की जानकारी देते हुए कहा कि 12 वीं का रिजल्ट क्लास 10, 11 व 12 में प्रदर्शन के आधार पर जारी किया जाएगा। इसके लिए  30+30+40 का फार्मूला तय किया गया है। इसमें क्लास 10 से पांच प्रमुख विषयों के थ्योरी पेपर में से बेस्ट थ्री के आधार पर नंबर दिए जाएंगे। जिसका वेटेज 30 प्रतिशत होगा। यह 30 प्रतिशत अंक सीबीएसई द्वारा बच्चों के संबंधित बोर्ड से ऑटोमेटिक कैलकुलेट कर ले लिया जाएगा। इसी प्रकार क्लास 11 के फाइनल एग्जाम में सभी विषयों के प्राप्तांक के आधार पर नंबर मिलेंगे। इसका वेटेज भी 30 प्रतिशत होगा। जबकि क्लास 12 के यूनिट टेस्ट, मिड टर्म व प्रीबोर्ड के परफॉरमेंस को आधार मानकर अंक दिया जाएगा। इसका वेटेज 40 प्रतिशत होगा।

प्राचार्या नीलकमल सिन्हा ने बताया कि रिजल्ट की विश्वसनीयता को बनाये रखने के लिए भी सीबीएसई ने कई उपाय किये गये हैं। इसके लिए सीबीएसई ने स्कूल में परीक्षा परिणाम समिति का गठन किया है। जिसमें स्कूल शिक्षकों के अलावा सीबीएसई द्वारा चयनित अन्य स्कूल के शिक्षक व प्राचार्य मॉडरेशन कमेटी के रूप में रिजल्ट पर नजर रखेंगे। इससे बच्चों को बढ़ा-चढ़ाकर अंक देने पर रोक लगेगी। जो बच्चे पढ़ाई में जैसे हैं, उन्हें उसी के अनुरूप अंक मिल सकेगा। सबसे बड़ी बात है कि सीबीएसई ने पहले ही इस बात की घोषणा कर रखी है कि यदि कोई विद्यार्थी अपने रिजल्ट से संतुष्ट नहीं है, तो वह कोरोना के हालात सामान्य होने के बाद परीक्षा भी दे सकता है। वर्तमान परिस्थितियों में इससे बेहतर नहीं किया जा सकता है। जुलाई में ही रिजल्ट घोषित करने की बात सीबीएसई ने कही है। समय से रिजल्ट जारी होने पर बाहर जाकर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को राहत मिलेगी।

कैसे बनेगा क्लास 10 का रिजल्ट

स्कूल के आईटी एक्सपर्ट सोहेल अहमद ने सेशन में बताया कि 10 वीं के लिए सीबीएसई ने 10+30+40+20 का फॉर्मूला तय किया है। इंटरनल असेसमेंट मार्किंग स्कीम को तीन भागों में बांटा गया है। इसमें यूनिट टेस्ट, मिड टर्म और प्री बोर्ड शामिल है। 80 नंबर के थ्योरी पेपर में 10 प्रतिशत अंक यूनिट टेस्ट, 30 प्रतिशत अंक मिड टर्म और 40 प्रतिशत अंक प्री बोर्ड के आधार पर मिलेंगे। यह व्यवस्था पांच मुख्य विषयों के लिए होगी। जबकि 20 प्रतिशत अंक इंटरनल असेसमेंट के आधार पर होंगे। प्राचार्या ने कहा कि बच्चे अपना मोबाइल, ईमेल एड्रेस इत्यादि को न बदलें। क्योंकि अब सारे सर्टिफिकेट डिजी लॉकर में भी आने लगे हैं। नंबर बदल देने से इसे एक्सेस करने में परेशानी हो सकती है।

सर्टिफिकेट की डुप्लीकेट कॉपी पाना हुआ आसान

ऑनलाइन सेशन में प्राचार्या ने बताया कि पहले सर्टिफिकेट की डुप्लीकेट कॉपी पाने में लंबी प्रक्रिया व समय लगता था। लेकिन अब सीबीएसई के इनहाउस पोर्टल ऑनलाइन डुप्लीकेट शैक्षणिक दस्तावेज प्रणाली (डैड्स) से इसे आसानी से पाया जा सकता है। मार्कशीट, पासिंग व माइग्रेशन सर्टिफिकेट की डुप्लीकेट प्रति के लिए सीबीएसई की वेबसाइट पर डैड्स में अप्लाई करना होगा। जिसके बाद सर्टिफिकेट की प्रिंटेड कॉपी बोर्ड द्वारा भेज दी जाएगी। यहां ट्रैकिंग सिस्टम के माध्यम से छात्र अपने आवेदन की स्थिति का भी पता लगा सकते हैं।