संविधान में निहित अभिव्यक्ति की आजादी को केंद्र छीनने की कोशिश कर रही है: भूनेश्वर

रांची:आज संयुक्त वाम दलों की बैठक राजधानी रांची के अल्बर्ट एक्का चौक स्थित सीपीआई प्रदेश कार्यालय में पूर्व सांसद सह सीपी आई के राज्य सचिव कॉमरेड भुनेश्वर प्रसाद मेहता की अध्यक्षता संपन्न हुई। इस बैठक में सीपीआई माले के शुभेंदु सेन, सीपीएम के प्रफुल लिंडा, मसास के सुशांतो मुखर्जी, सीपीआई के राज्य सहायक सचिव महेंद्र पाठक, सीपीआई के अजय कुमार सिंह समाजवादी पार्टी के पूर्व अध्यक्ष मनोहर यादव सहित अन्य मौजूद थे। वही भुनेश्वर प्रसाद मेहता ने कहा कि लोकतंत्र खतरे में है। संविधान में निहित अभिव्यक्ति की आजादी को केंद्र सरकार छीनने की कोशिश कर रही है। केंद्र सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों पर तरह-तरह के प्रपंच कर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। राजद्रोह और देशद्रोह का आरोप लगाकर जेल भेजने का काम कर रही है। श्री मेहता ने कहा कि पिछले सात महीनों से किसान दिल्ली के बॉर्डर पर अपने हक और अधिकार के लिए आंदोलनरत है। लाखों की संख्या में जमा किसानों में कई किसान भाइयों की जान इस आंदोलन के दरमियान गई। लेकिन केंद्र सरकार इतने संवेदनहीन हैं कि इन्हें इन किसानों की पुकार सुनाई नहीं दे रहा। अपने अहंकार के चलते कभी किसानों से बात नहीं किया। वहीं इस आंदोलन को दबाने और कुचलने के लिए तर ह तरह के प्रोपगेंडा अपनाकर बदनाम करने की कोशिश में लगे रहे। देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति चरमरा गई है। महंगाई से आम जनता त्राहिमाम कर रही। श्री मेहता ने कहा कि इन तमाम मुद्दों को लेकर किसान संघर्ष समन्वय समिति ने 26 जून को देश के सभी राज्यों में स्थित राजभवन के समक्ष विरोध प्रदर्शन और धरना देने का निर्णय लिया है। इस आंदोलन का समर्थन मैं भारतीय मजदूर संघ को छोड़कर सभी ट्रेड यूनियनों ने किया है। श्री मेहता ने कहा कि किसानों और जन मुद्दे पर जायज मांगों के समर्थन में वामदल भी इस आंदोलन में शामिल रहेंगे। श्री मेहता ने कहा कि देश और संविधान की रक्षा के लिए इस आंदोलन को राज्य के सभी जिलों के मुख्यालयों में भी आंदोलन किया जाएगा। इस आंदोलन के तहत किसान संगठन और ट्रेड यूनियन के साथ वामदल भी अपना विरोध दर्ज कराएगा। साथ ही श्री मेहता ने सभी सामाजिक संगठन और समान विचारधारा के पार्टियों से आह्वान किया कि इस आंदोलन को सफल बनाने में अपना समर्थन दें।