असंगठित कामगार कांग्रेस के चक्रधरपुर प्रखंड अध्यक्ष ने उपकरण बैंक में जमा किए इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स

रामगोपाल जेना
चक्रधरपुर: पश्चिम सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर थाना में पुलिस ने उपकरण बैंक खोलकर एक नई पहल शुरू की है। जिसकी सूचना मिलने पर असंगठित कामगार कांग्रेस के चक्रधरपुर प्रखंड अध्यक्ष अमित मुखी ने उपकरण बैंक में एक कंप्यूटर सेट,जिसमें दो कीबोर्ड, दो माउस, एक मॉनिटर,दो कीपैड मोबाइल फोन, उपकरण बैंक में जमा किया। जमा करने के उपरांत अमित मुखी ने कहा कि सभी के द्वारा उपयोग किए हुए और घरों में बेकार पड़े पुराने स्मार्टफोन, लैपटॉप एवं अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरणों को सुरक्षित थाना में जमा करने के लिए उपकरण बैंक खोला गया है। चक्रधरपुर थाना क्षेत्र के सभी नागरिकों से आग्रह है कि अपने पुराने स्मार्टफोन, लैपटॉप एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण थाना में लाकर जमा कर सकते हैं। थाना में दिए गए प्रत्येक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का थाना दैनीकी में प्रविष्ट कर उसकी सत्यापित प्रति उपकरण जमा करने वाले व्यक्ति को प्रमाण स्वरूप दी जा रही है जिससे जमाकर्ता आश्वस्त हो सके कि इसका दुरुपयोग नहीं होगा। आपके द्वारा थाना में दिए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों स्मार्टफोन, लैपटॉप आदि का पुलिस द्वारा उचित मरम्मत के बाद उसका वितरण थाना क्षेत्र में स्थित स्कूलों के प्रधानाध्यापकों की अनुशंसा पर गरीब एवं मेधावी छात्रों के बीच किया जाएगा। जिससे उनकों पढ़ाई में आने वाली परेशानी से छुटकारा मिल सके। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन में देखा गया कि ऑनलाइन पढ़ाई शिक्षा विभाग की ओर से शुरू किया गया। लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले गरीब बच्चे स्मार्टफोन व लैपटॉप नहीं रहने के कारण पढ़ाई नहीं कर पाए। इसी समस्या को देखते हुए इस पर सकारात्मक कदम उठाते हुए चक्रधरपुर थाना में उपकरण बैंक खोला गया है। इसलिए सभी से अपील है कि अपने पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण थाना में लाकर जमा करें एवं अपने आस-पास के व्यक्तियों को भी बताकर उन्हें भी ऐसा करने को प्रेरित करें ताकि गरीब एवं मेधावी छात्रों को इसका लाभ पहुंचाया जा सके। इससे गरीब बच्चों को लाभ होगा।
बता दें कि झारखंड पुलिस महानिदेशक द्वारा राज्य के तमाम थानों में उपकरण बैंक खोलने का आदेश दिया गया है।ताकि उस थाना क्षेत्र में स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब मेधावी छात्र-छात्राओं को एंड्रॉयड फोन और लैपटॉप उपलब्ध कराकर उन्हें तकनीकी और ऑनलाइन शिक्षा से जोड़कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से संबंधित उनकी समस्याओं का समाधान करते हुए आगे बढाया जा सके।