केन्द्र सरकार के राष्ट्रीय संपत्ति, बुनियादी ढ़ांचे को निजी हाथों में सौंपने का सीटू विरोध करती है: फागू बेसरा

रामगढ़ : विस्थापितों व मजदूरों के नेता झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के महासचिव सह झारखण्ड कोलियरी मजदूर यूनियन के केंद्रीय उपाध्यक्ष, विस्थापित मोर्चा के अध्यक्ष फागू बेसरा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि झारखण्ड कोलियरी मजदूर यूनियन, केन्द्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय संम्पति और बुनियादी ढांचे को वस्तुतः मुफ्त में देशी विदेशी पूंजीपतियों के हाथों में सौंपने की विनाशकारी कवायत की निंदा करती है। उन्होंने कहा कि इसका सबसे ताजा उदाहरण एयर इंडिया की बिक्री है। सरकार अगले शीतकालीन सत्र में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के नीजिकरण को आसान बनाने के लिए बैंक राष्ट्रीय करण अधिनियम में संशोधनों में जल्दी बाजी कदम उठा रही है।
पहले से ही सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को तथाकथित ॠणशोधन दिवालियापन प्रक्रिया के माध्यम से उन नीजि उधोग पतियों को दिए गए करोड़ों रुपए का त्याग करने को मजबुर किया और अब यह कदम सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को ॠण बकाया कर्ता निजि कम्पनियों को ही मुफ्त में सौंपने के लिए है।
सरकार पेंशन सिस्टम(एनपीएस) ट्रस्ट को अलग करने के लिए पीएफआरडीए अधिनियम में संशोधन करने के अगले चरण में है।
ताकि इसे पीएफआरडीए के सभी नियंत्रण से मुक्त करना निजि कोष प्रबंधकों को दिया जा सके।

यहां तक मजदूरों, कर्मचारियों के भविष्य निधि ट्रस्ट जो कुछ सट्टेबाजों के माध्यम से मजदूरों की ईपीएफ बचत की बड़ी रकम गंवा दी है।
सरकार के नऎ प्रोजेक्ट के तहत रेगुलेशन_फ्री एनपीएस भविष्य का अंदाजा पहले से ही लगाया जा सकता है।
झारखण्ड कोलियरी मजदूर यूनियन कॉरपोरेट वर्ग के इन लूटेरों के समुदाय द्वारा राष्ट्रीय संम्पति बुनियादी ढांचे और यहां तक कि जनता की अजीवन पेंशन बचत पर भी लूट और धोखे को सुविधा जनक बनाने की ऐसी नापाक और विनाशकारी परियोजना का निंदा करती है।
मेहनत कशों जनता से केन्द्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर बड़े पैमाने पर इस तरह की नृशंस साजिशों का विरोध और खिलाफत करने का आह्वान करता है।