मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को विधायक सुखराम उरांव ने मुलाकात कर सौंपा मांग पत्र

रामगोपाल जेना
चक्रधरपुर: झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चक्रधरपुर के विधायक सुखराम उरांव ने कोल्हान यूनिवर्सिटी चाईबासा के अन्तर्गत आने वाले जवाहरलाल नेहरु महाविद्यालय चक्रधरपुर के कॉलेज भवन , क्लास एवं मुख्य द्वार की जर्जर स्थिति एवं अन्य समस्याओं को लेकर माँगपत्र सौंपा । विधायक सुखराम उरांव ने माँगपत्र में कहा गया है । महाविद्यालय की अनेको समस्याएँ है ।
चक्रधरपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू महाविद्यालय के नाम से अब तक भवन नहीं है। महाविद्यालय का क्लास तत्कालीन राजा अर्जुन सिंह के महल में चल रही है । इस महाविद्यालय में इन्टरमीडिएट से स्नातक ( कला / विज्ञान / वाणिज्य ) संकाय तथा स्नातकोत्तर ( हिन्दी , इतिहास , राजनीति पास्त्र , अर्थशास्त्र एवं याणिज्या ) की पढाई होती है । महाविद्यालय में लगभग 7000 ( छात्र – छात्रा ) अध्ययन करते है । इस महाविद्यालय में कमरे का अभाव हैं । जिसकी स्थिति ठीक न होने के कारण इसकी मरम्मतिकरण का कार्य के लिए टेंडर की प्रक्रिया हुई थी । इस कार्य लिए संवेदक ने पहल कर कार्य पुरु किया था । अभी तक यह कार्य लंबित है । महाविद्यालय का मुख्य द्वार जर्जर स्थिति में है जिसे विष्वविद्यालय प्रमासन ने बंद कर दिया है । छात्र – छात्राओं एवं शिक्षक , पिक्षकेत्तर कर्मचारीगण पीछे गेट से आना जाना कर रहे है । महाविद्यालय में पढ़ने वाले अधिकतर छात्र – छात्रा अनुसूचित जनजाति , अनुसूचित जाति एवं पिछडे वर्ग से आते है । छात्राओं की संख्या लगभग 60 % प्रतिषत होगी । इस अनुमण्डल के तहत चक्रधरपुर के आलावा मनोहरपुर , गोईलकेरा , सोनुआ बन्दगाँव खुंटपानी कुचाई . खरसवां एवं सरायकेला के छात्र – छात्रा पढ़ते है । महाविद्यालय में बी . एड की भी पढ़ाई होती थी 2005-2006 से 2014 तक हुई। अभी बंद है इसका अपना विभाग का निर्माण भी कराया गया है । बी . एड की पढ़ाई चालु की जाए । विज्ञान संकाय की प्रयोगवाला कमा स्थिति चिंताजनक है । मौतिकी एवं रसायन पास्त्र विभाग की दीवार काफी जर्जर अवस्था में हैं । कभी भी कोई दुर्घटना होने की समवना है । महाविद्यालय में एनसीसी विभाग भी है जिसमें छात्र – छात्राओं का नामांकन कम होता है। इसमें वर्तमान में कोई प्रभारी न रहने से बंद के कागार पर है ।इस विभाग से कई छात्र छात्रा को सुरक्षा बल में नौकरी मिली है । महाविद्यालय में क्षेत्रीय भाषा की पढाई सातक स्तर पर ( कुरमाली , हो , कडक सधाल , गुण्डा , भाषा ) छात्र – छात्राओं की संख्या अधिक है । संविदा के आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति स्थानिय स्तर से की गई है विक्षकों की भी कमी है ।
महाविद्यालय में क्षेत्रीय भाषा की पढाई स्नात्तकोत्तर में नहीं होती है आदिवासी बहुल क्षेत्र होने के कारण क्षेत्रीय भाषा में पढ़ने के लिए बाहर जाते हैं । उसे भी यहाँ पर पढ़ाने हेतु समुचित व्यवस्था की जाय।महाविद्यालय में पुस्ताकालय की व्यवस्था पर पुस्ताकालग भवन नहीं है । मवन नहीं होने से पुस्तकों का रख – रखाव सही से होने के कारण बहुत सारी कितावे खराब हो रही है ।
छात्र – छात्राओं को पुस्ताकालय से किताब नहीं मिल रही है ।कोलहान के पांच विधायकों का जांच कमिटि गठित कर महाविद्यालय भवन की जाँच के उपरांत नया भवन निर्माण कराया जाए । पत्र में कहा गया है महाविद्यालय की स्थिति को सुधारने का अति आवश्यक है जिसमें महाविद्यालय में कोई अप्रिय घटना न हो। जर्जर भवन एवं मुख्य द्वार बनवाने की अनुमति तथा सामान्य रुप से पठन – पाठन का कार्य हो ।और छात्र – छात्राओं को महाविद्यालय आने में कोई कठिनाई न हो ।