सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों को हेमंत सरकार द्वारा अनुदान की श्रेणी में लाना सराहनीय कदम : आलम

गुमला। गुमला जिला झारखंड मुक्ति मोर्चा अल्पसंख्यक के उपाध्यक्ष अफसर आलम ने एक बयान जारी कर कहा है कि हमारी सरकार जो कांग्रेस और राजद के सहयोग से कार्य कर रही है वह सराहनीय है हमारी सरकार जो कहती है वह पूरा करती है झारखंड वासियों के हित में बहुत सारे फैसले लिए जा रहे हैं उसी के क्रम में अल्पसंख्यक सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों का जो विगत 2 वर्षों से भी अधिक समय से अधिविध परिषद बोर्ड का कोरम पूरा नहीं होने की वजह मदरसा शिक्षकों का मामला लटका हुआ था उसे सरकार ने जैक की बैठक करा कर अनुदान की श्रेणी में लाने का काम किया है उन्होंने यह भी कहा कि आदरणीय यशस्वी भारतवर्ष के चोटी के श्रेणी में अपना नाम दर्ज कराने वाले श्री हेमंत सोरेन से अल्पसंख्यकों के साथ ही साथ आदिवासी अनुसूचित जनजाति पिछड़ा वर्ग सामान्य वर्ग सभी विभागों के कर्मचारियों पारा शिक्षकों सेविका सहायिका स्वास्थ्य कर्मी बेरोजगारों झारखंड आंदोलन कारियों आदि के लिए भी हेमंत सरकार सजग दिखाई दे रही है झारखंड वासियों का झारखंड के मुख्यमंत्री से बहुत सारी उम्मीद है।
आने वाले दिनों में जनहित में अन्य कार्य जैसे पानी, सड़क ,बिजली,किसानों के लिए जो चुनाव के समय हमारी सरकार ने वादा किया था उसे पूरा किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के जो भी डिमांड है उसे पूरा किया जाएगा जैसे प्राथमिक विद्यालयों से लेकर कॉलेज स्तर तक उर्दू शिक्षकों की बहाली,उर्दू ट्रांसलेटर ,टंकक ,बोर्ड निगम के साथ ही साथ झारखंड के तमाम पदाधिकारियों के नाम झारखंड की द्वितीय राजभाषा उर्दू में लगवाना जहां नहीं लग सका है झारखंड सरकार के नोटिफिकेशन के बावजूद वहां हमारी सरकार इस कार्य को करेगी। पिछली भाजपा की सरकार खासकर अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित जिसमें मुख्य रूप से मदरसा शिक्षकों का लंबे समय से भौतिक निरीक्षण के आड़ में वेतन आदि का रोग लगा दिया था जिसके लेकर कई मदरसा शिक्षक का बीमारी तथा भूख से मौत भी हो चुकी है। हेमंत सरकार गरीबों की सरकार है। अफसर आलम ने कहा के जैकी बैठक में स्कूल और कॉलेज के विषय में भी जो बातें रखी गई हैं और निर्णय लिया गया है वह भी सराहनीय है।