यूपी बॉर्डर पर रोके गए कांग्रेसी नेता

गढ़वा से नित्यानंद दुबे की रिपोर्ट
गढ़वा: बुधवार की मध्य रात्रि गढ़वा जिला के विंधमगंज के पास झारखंड- उत्तर प्रदेश की सीमा पर उत्तर प्रदेश जाने वाले झारखंड के नेताओं को यूपी पुलिस ने रोक दिया जिससे आक्रोशित सभी नेता वहीं पर धरना पर बैठ गये. रोके जाने वाले नेताओं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, कृषि मंत्री बादल पत्रलेख, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता सहित कई विधायक व नेता शामिल थे. बाद में सभी नेता गुरुवार की सुबह करीब 7 बजे वहां से राजधानी रांची वापस लौट गये.
प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में कांग्रेसी नेता उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में किसान आंदोलन के दौरान हुई हिंसक घटना के बाद वहां के किसानों व मृतक किसानों के परिजनों से मिलने जा रहे थे. नेताओं के लखीमपुर खीरी जाने की सूचना मिलते ही यूपी पुलिस ने झारखंड- यूपी बॉर्डर को सील कर दिया था.
बुधवार की रात जब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष, नेता, मंत्री उत्तरप्रदेश की सीमा पर पहुंचे, तो यूपी पुलिस ने 144 निषेधाज्ञा लागू की बात कहते हुए जाने से रोक दिया. इसके बाद झारखंड सरकार के मंत्री, विधायक व कार्यकर्ता झारखंड- यूपी बॉर्डर के समीप धरने पर बैठ गये. इस दौरान कांग्रेसी नेताओं ने जमकर केंद्र और यूपी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.
तारीख कार्यकारी अध्यक्ष मानस सिन्हा ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है. लखीमपुर में निर्दोष किसानों को केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के पुत्र द्वारा गाड़ी से रौंदने का दृश्य दिल दहला देनेवाला था. सरकार पूरे राज्य में लोकतंत्र की हत्या कर रही है. नेताओं ने कहा कि केंद्र की मोदी व राज्य की योगी सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है. पुलिस को आगे कर सत्ता चलाने का प्रयास कर रही है. नेताओं ने कहा कांग्रेस तानाशाह शासक को देश से उखाड़ फेंकेगी.

मौके पर कोलिबिरा के विधायक नमन विक्सल कोंनगड़ी, कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष शहजादा अनवर, प्रदेश प्रवक्ता राजीव रंजन पासवान, अंबुज नीरज खलको, सतीश पॉल, पूर्व कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष मानस सिन्हा, गढ़वा जिला के वरीय उपाध्यक्ष शैलेश कुमार चौबे, संजय लाल पासवान, भवनाथपुर के युवा कांग्रेस अध्यक्ष राजेश बैठा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे.