परिषद के कार्यकर्ता ने कार्तिक उरांव को जयंती पर किया याद

डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन के प्रतिमा का किया सफाई
पाकुड़ : महान चिंतक व राजनेता कार्तिक उरांव की जयंती के अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने उन्हे याद करते हुये उनके चित्र पर माल्यापर्ण कर उन्हे श्रद्वांजली अर्पीत किया।वहीं जंयती के मौके पर राजप्लस टू विद्यालय के समीप स्थित डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन की प्रतिमा की साफ सफाई भी कार्यकर्ताओं के द्वारा की गई । मौके पर मुख्य रूप से पाकुड़ नगर इकाई के नगर मंत्री सुमित पांडे और जिला सहसंयोजक अमित शाह ने उनके जीवनी पर प्रकाश डालते हुए बोले वे गुमला जिला के लिटाटोली गांव में 29 अक्तूबर, 1924 को कार्तिक उरांव का जन्म हुआ था. कार्तिक उरांव ने 1959 ईस्वी में दुनिया के सबसे बड़े ऑटोमेटिक पावर स्टेशन का प्रारूप ब्रिटिश सरकार को दिया था, जो आज हिंकले न्यूक्लियर पावर प्लांट के नाम से विद्यमान है. जवाहरलाल नेहरू के कहने पर कार्तिक उरांव राजनीति में आये थे. वे तीन बार सांसद व एक बार विधायक रहे. आदिवासियों की जमीन लूटने से बचाने के लिए सबसे पहला आंदोलन कार्तिक उरांव ने किया था. विदेश से पढ़कर जब कार्तिक उरांव अपने देश लौटे. उस समय छोटानागुपर के आदिवासियों की हालात को देख कार्तिक उरांव ने समाज के लिए काम करने का दृढ़ संकल्प लिया ।. कार्तिक उरांव 9 साल तक विदेश में रहे. विदेश प्रवास के बाद 1961 के मई माह में एक कुशल व दक्ष इंजीनियर के रूप में स्वदेश लौटे. हमें इने जीवन से प्रेरणा लेने की जरूरत है।वहीं मौके पर मौके पर सत्यम भगत, विशाल भगत, सानू राज ,तन्मय पोद्दार, दुलाल चंद्र दास ,सोनू कुमार साहा, अशोक साहा, सुदाम गोराई,आदि कार्यकर्ता मौजूद थे।