सीडब्ल्यूसी के प्रयास से यूपी के बिजनौर से मुक्त कराकर चार बाल श्रमिकों को लाया गया लातेहार

 

रांची सोंस के भीम मोची नामक *दलाल ने श्रमिकों को भेजा था यूपी के बीजनौर
लातेहार: सदर प्रखंड के नावागढ़ पंचायत अंतर्गत कोने गांव के चार बाल श्रमिक सीडब्ल्यूसी के सदस्यों के अथक प्रयास से मुक्त हुये । सभी बाल श्रमिक मुक्त होने के बाद यूपी के बिजनौर से आज लातेहार पहुंचे जहां सीडब्बलूसी के सदस्य शकील अख्तर एवं रमेश मिस्त्री ने उन्हें उप विकास आयुक्त सुरेन्द्र कुमार वर्मा से मिलाया। इस दौरान बाल श्रमिको ने उप विकास आयुक्त श्री वर्मा को अपनी आप बीती बतायी। जिस पर उप विकास आयुक्त श्री वर्मा ने मुक्त कराये गये बाल श्रमिको को सरकार के द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ दिलाने की बात कही।

क्या है मामला: सदर प्रखंड के नावागढ़ पंचायत अंतर्गत कोने गांव के चार बाल श्रमिको को अक्टूबर 2020 में रांची के भीम मोची के द्वारा यूपी के बिजनौर भेज दिया गया था। जहां सभी बाल श्रमिको से गन्न काटने का कार्य कराया जाता था। इसकी जानकारी बाल कल्याण समिति के सदस्य शकील अख्तर एवं रमेश मिस्त्री को हुई जिसके बाद उन्होंने इसकी सूचना तत्काल यूपी के बिजनौर सीडब्ल्यूसी को दी एवं पुलिस के सहायता से सभी बाल श्रमिको को मुक्त कराया एवं यूपी से उन्हें लातेहार भेजा।

रांची सोंस का भीम मोची करता है, बच्चों को बाल मजदूरी के लिए दूसरे राज्यों में भेजने का काम रांची, सोंस निवासी भीम मोची बाल मजदूरी के लिए बच्चों को दूसरे राज्यों में भेजने का कार्य करता है। भीम के माध्यम से ही बच्चे दूसरे राज्यों में भेजे जाते है एवं जहां उनसे काम करवाया जाता है।