डीसी ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ की विकास योजनाओं की समीक्षा

गुमला: उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), दीदी बाड़ी योजना, सिंचाई कूप निर्माण, बिरसा हरित ग्राम योजना, वित्तीय वर्षवार लंबित योजनाएं सहित अन्यान्य योजनाओं के प्रगति तथा अद्यतन स्थिति की समीक्षा हेतु बैठक का आयोजन नगर भवन में किया गया।

बैठक में सर्वप्रथम उपायुक्त ने ग्रामीण विकास विभाग द्वारा गुमला जिलांतर्गत संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को निर्धारित लक्ष्य के आधार पर पूर्ण करने का निर्देश दिया। साथ ही इस वित्तीय वर्ष में नए योजनाओं के संचालन हेतु पूर्व में ही रूपरेखा तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने इस वित्तीय वर्ष नए योजनाओं का चयन पर्याप्त मात्रा में करने पर विशेष जोर दिया।

उपायुक्त ने झारखंड सरकार के महत्वकांक्षी झारखंड कृषि ऋण माफी योजनांतर्गत योजनाबद्ध तरीके से लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित करने हेतु सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को अपने संबंधित वी.एल.डब्लू तथा अंचलाधिकारियों को अपने संबंधित कर्मचारियों को संलग्न करने का निर्देश दिया। इस संबंध में उन्होंने सभी बी.डी.ओ एवं सीओ को उक्त कर्मियों के कार्यों की प्रतिदिन समीक्षा करने का भी निर्देश दिया।

धान अधिप्राप्ति योजना की चर्चा करते हुए उपायुक्त ने बताया कि जिस तरह विगत वित्तीय वर्ष में धान अधिप्राप्ति हेतु निर्धारित लक्ष्य 01 लाख क्विंटल की शत-प्रतिशत प्राप्ति की गई है उसी तरह इस वित्तीय वर्ष धान अधिप्राप्ति के लिए 02 लाख क्विंटल का लक्ष्य निर्धारण करने तथा 14000 किसानों का निबंधन कर इस योजना में जोड़ने पर विशेष बल दिया।

उपायुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को अपने प्रखंड मुख्यालयों में अवस्थित रहने तथा अपने संबंधित पंचायत सेवकों को पंचायत भवनों में रहकर अपने कार्यों का निर्वहन करने का निर्देश दिया। साथ ही गुरूवार को सभी पंचायत भवनों के लिए निर्धारित कार्य दिवस के दिन आमजनों की समस्याओं से अवगत होते हुए उनका ससमय निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

बैठक में उप विकास आयुक्त संजय बिहारी अंबष्ठ ने मनरेगा योजना की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि गुमला जिला द्वारा वित्तीय वर्ष 2020-21 में शत-प्रतिशत पीडी जेनरेशन हेतु निर्धारित लक्ष्य के विरूद्ध 107 प्रतिशत की प्राप्ति की गई। पीडी जेनरेशन में चैनपुर, पालकोट तथा भरनो प्रखंडों द्वारा बेहतर प्रदर्शन पाया गया।

प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा के क्रम में उप विकास आयुक्त ने विगत वित्तीय वर्षों में लंबित आवासों का निर्माण तथा वित्तीय वर्ष 2020-21 में शत-प्रतिशत आवासों की स्वीकृति पर विशेष जोर दिया। समीक्षा के दौरान पाया गया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में 2077 आवासों का निर्माण लंबित है। जबकि 459 ऐसे लाभुक हैं जिन्हें आवास की स्वीकृति नहीं दी गई है। इसपर उप विकास आयुक्त ने लंबित आवासों को युद्धस्तर पर पूर्ण करने तथा पलायन कर गए लाभुकों को चिन्हित करते हुए उन्हें आवास की स्वीकृति प्रदान करने का निर्दश दिया।

अस्वीकृत ट्रांजैकशन्स का पुनर्सृजन की समीक्षा के दौरान उप विकास आयुक्त ने श्रमिकों के आधार कार्ड, बैंक खाता संख्या आदि का सतर्कतापूर्वक प्रविष्टि सुनिश्चित करते हुए अप्रैल माह तक सभी लंबित एवं अस्वीकृत ट्रांजैकशन्स का पुनर्सृजन करने का निर्देश प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारियों को दिया।

कूप निर्माण की समीक्षा के दौरान भरनो, घाघरा, पालकोट, डुमरी तथा सिसई प्रखंडों द्वारा निर्धारित लक्ष्य के आधार पर कूप निर्माण की प्रगति नगण्य पाई गई। इसपर उपायुक्त ने संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों को गंभीरता से कूप की खुदाई एवं जोड़ाई के कार्य को अप्रैल माह तक पूर्ण करने का निर्देश दिया।

दीदी बाड़ी योजना की समीक्षा के क्रम में पाया गया कि जेएसएलपीएस द्वारा 13883 प्रस्ताव प्राप्त किए गए हैं। जिसमें से मात्र 7270 कार्य संचालित किए गए हैं। इसपर उपायुक्त ने अधिक से अधिक कार्यों को संचालित कर दीदी बाड़ी योजना के निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

उप विकास आयुक्त ने योजना पूर्णता की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारियों को विगत वित्तीय वर्षवार लंबित योजनाओं को अविलंब पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2017-18, 2018-19, 2019-20 तथा 2020-21 में लंबित योजनाओं का कारण सुनिश्चित करते हुए उन्हें यथाशीघ्र पूर्ण कराने का निर्देश दिया।

बैठक में बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2021-22 में ली जाने वाली योजना के संबंध में जानकारी साझा की गई। बताया गया कि इस वित्तीय वर्ष लगभग 05 एकड़ की भूमि पर बागवानी योजना का क्रियान्वयन किया जाएगा। बागवानी योजना संचालित किए जाने वाली भूमि के 100 मीटर के दायरे में जल का साधन होना अनिवार्य है। इस योजना का संचालन वैसे भूमि पर ही किया जाएगा जिसके आसपास आमजनों का वासस्थान हो। विदित हो कि इस योजनांतर्गत जिले में 112 आम के पौधे लगाए जाएंगे। बिरसा हरित ग्राम योजना की कुल अनुमानित लागत राशि 03 लाख 40 हजार है।

बैठक में अपर समाहर्त्ता सुधीर कुमार गुप्ता ने वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के बढ़ते प्रसार को दृष्टिपथ करते हुए सभी बी.डी.ओ/ सी.ओ को अपने-अपने क्षेत्रांतर्गत सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी अनुमंडल पदाधिकारी/ बी.डी.ओ/ सी.ओ सह इंसिडेंट कमांडर को अपने-अपने कर्त्तव्यों का निर्वहन कटिबद्धता से करने पर जोर दिया। उन्होंने कड़ाई से मास्क चेकिंग अभियान चलाते हुए मास्क का उपयोग नहीं करने वाले व्यक्तियों से जुर्माना वसूलने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने जिले में अवस्थित वैसे सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठान/ दुकान आदि जहां कोविड समुचित व्यवहार का पालन नहीं किया जा रहा हो उक्त प्रतिष्ठानों एवं दुकानों के विरूद्ध सुसंगत धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें सील करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने अधिक से अधिक कोविड जाँच सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। अपर समाहर्त्ता ने जिले में गठित कोविड पॉजिटिव मैनेजमेंट टीम तथा कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग मैनेजमेंट टीम का गठन ग्रामवार करते हुए पंचायतवार पर्यवेक्षकों की प्रतिनियुक्ति भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कोविड संक्रमण के फैलाव के रोकथाम के उद्देश्य से जिले के जितने भी सरकारी सेवक जो राँची से गुमला आवागमन करते हैं उन्हें चिन्हित करते हुए ऐसे व्यक्तियों के आवागमन पर रोक लगाते हुए उनपर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही अन्य राज्यों से गुमला जिला आने वाले अप्रवासी व्यक्तियों का ग्रामवार मूल्यांकन करते हुए उनका कोविड जाँच अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने का निर्देश संबंधित ग्रामों के ग्राम प्रधान, मुखिया आदि को दिया। उन्होंने किसी क्षेत्र में संक्रमित मरीजों के पाए जाने पर कन्टेंमेंट जोन तथा माईक्रो कन्टेंमेंट जोन के निर्माण को अति आवश्यक बताया। उन्होंने जिलांतर्गत सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठानों, दुकानों, मॉल, हाट-बाजार, सरकारी एवं गैर सरकारी कार्यालय इत्यादि में कोविड समुचित व्यवहार का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैंकों में भीड़-भाड़ की स्थिति को नियंत्रित करने हेतु क्यू मैनेजमेंट सिस्टम तथा नो मास्क नो इन्ट्री का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

राजस्व संबंधित कार्यों की समीक्षा के क्रम में अपर समाहर्त्ता ने बताया कि दाखिल खारिज से संबंधित 30 दिनों के अधिक अवधि तक लंबित कुल 131 तथा 90 दिनों से अधिक अवधि तक लंबित कुल 10 मामले हैं। इसपर उपायुक्त ने 90 दिनों से अधिक अवधि तक लंबित दाखिल खारिज मामलों को अभियान चलाकर निष्पादित करने का निर्देश दिया। वहीं अपर समाहर्त्ता ने 30 दिनों से अधिक अवधि तक लंबित मामलों को अगले एक सप्ताह में निष्पादित करने का निर्देश अंचलाधिकारियों को दिया। सीमांकन संबंधित मामलों की समीक्षा के क्रम में पाया गया कि 30 दिनों से अधिक अवधि तक कुल 21 मामले लंबित हैं। इसपर अपर समाहर्त्ता ने ससमय लंबित मामलों का निष्पादन करने का निर्देश दिया।

बैठक में उपायुक्त ने गुड समैरिटन पॉलिसी की व्याख्या करते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारियों को गुड समैरिटन पॉलिसी से संबंधित दिशा-निर्देशों का अपने-अपने प्रखंडांतर्गत व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित कर आमजनों को सड़क दुर्घटना में प्रभावित जख्मी व्यक्तियों के सहायतार्थ उत्प्रेरित करने का निर्देश दिया।

उपस्थिति
बैठक में उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा सहित उप विकास आयुक्त संजय बिहारी अंबष्ठ, अपर समाहर्त्ता सुधीर कुमार गुप्ता, सदर अनुमंडल पदाधिकारी रवि आनंद, अनुमंडल पदाधिकारी बसिया संजय पी.एम. कुजूर, अनुमंडल पदाधिकारी चैनपुर प्रीतिलता किस्कू, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी देवेंद्रनाथ भादुड़ी, प्रखंड विकास पदाधिकारी बिशुनपुर/ पालकोट/ कामडारा/ बसिया/ रायडीह/ सिसई/ चैनपुर/ जारी, डीपीएम पंचायती राज शशि किरण, आईटी प्रबंधक राजस्व राजीव रौशन, अंचलाधिकारी गुमला सदर/ कामडारा/ बसिया/ पालकोट, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी व अन्य उपस्थित थे।