कोरोना की रोकथाम के लिए किये जा रहे कार्यो की डीसी ने की समीक्षा

गुमला: वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के बढ़ते प्रसार के नियंत्रण एवं रोकथाम के मद्देनजर उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा ने गुमला जिलांतर्गत कोरोना संक्रमण से प्रभावित मरीजों के समुचित ईलाज हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों, 45 वर्ष से अधिक तथा 18 वर्ष से 44 वर्ष के लाभार्थियों के टीकाकरण की स्थिति, अस्पतालों में ऑक्सिजन की नियमित व्यवस्था सहित अन्यान्य विषयों पर बिंदुवार समीक्षा हेतु बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में उपायुक्त ने 45 वर्ष से अधिक वर्ष के सभी लाभार्थियों का प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रदान संस्थान के प्रतिनिधियों को अपने-अपने क्षेत्रांतर्गत अधिक से अधिक लोगों को टीकाकरण लेने हेतु उत्प्रेरित करने का निर्देश दिया।

बैठक में उपायुक्त ने कोविड-19 टीकाकरण से छूटे हुए स्वास्थ्य कर्मियों एवं फ्रंटलाइन कर्मियों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से सभी छूटे हुए स्वास्थ्य एवं फ्रंटलाइन कर्मियों का नाम तथा जिन्होंने प्रथम अथवा द्वितीय या दोनों डोज नहीं लिया है उनकी सूची अविलंब उपलब्ध कराने का निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिया। छूटे हुए फ्रंटलाइन कर्मियों की समीक्षा के दौरान डीपीएम जेएसएलपीएस ने बताया कि जेएसएलपीएस के 304 पंजीकृत फ्रंटलाइन कर्मियों में से 269 कर्मियों ने प्रथम डोज तथा 128 कर्मियों ने दूसरा डोज ले लिया है। इसपर उपायुक्त ने शेष बचे हुए फ्रंटलाइन कर्मियों का सूची के आधार पर 31 मई तक शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। छूटे हुए स्वास्थ्य कर्मियों की समीक्षा के क्रम में स्वास्थ्य विभाग द्वारा त्रुटिपूर्ण डाटा प्रस्तुत करने पर उपायुक्त ने छूटे हुए सरकारी तथा गैर सरकारी अस्पताल कर्मियों, आंगनबाड़ी सेविका/ सहायिका आदि को चिन्हित करते हुए शेष स्वास्थ्य कर्मियों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

 

45 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के सभी लाभार्थियों का शत प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने हेतु उपायुक्त ने 45 प्लस लाभार्थियों की जानकारी प्राप्त की। बताया गया कि जिले में टीकाकरण हेतु 02 लाख 60 हजार का लक्ष्य निर्धारित है। जिसमें से अबतक 79000 लाभार्थियों को टीका लगाया जा चुका है। उपायुक्त ने टीकों की उपलब्ध वायल की समीक्षा की। स्वास्थ्य विभाग द्वारा वर्तमान में 45 प्लस के लाभार्थियों के लिए कोविशील्ड के 1074 तथा कोवैक्सीन के 1210 वायल उपलब्ध होने की जानकारी दी गई। साथ ही बताया गया कि आज शाम तक जिले में कोवीशील्ड के और 400-500 वायल प्राप्त कर लिए जाएंगे।

उपायुक्त ने गुमला जिले में मोबाइल वैन के माध्यम से मोबाइल टीकाकरण की सुविधा प्रदान करने का निर्देश दिया। इस संबंध में उन्होंने सिविल सर्जन से जिले में उपलब्ध मोबाइल वैन की जानकारी प्राप्त की। सिविल सर्जन ने बताया कि वर्तमान में जिले में 02 मोबाइल वैन मौजूद हैं। इसपर उपायुक्त ने इसे बढ़ाकर 06 मोबाइल वैनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक प्रखंडों में कम से कम 02-02 मोबाइल वैनों की सुविधा बहाल करने का निर्देश दिया।

बैठक में उपायुक्त ने 01 जून तक जिले के सभी 700 पीडीएस डीलरों तथा जेएसएलपीएस के सखी मंडल की दीदीयों का भी टीकाकरण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। इस संबंध में उन्होंने डीपीएम जेएसएलपीएस को क्रेडिट लिंकेज से जुड़े स्वयं सहायता समूह की दीदीयों एवं वीओ का भी टीकाकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इस संबंध में अपर समाहर्त्ता सुधीर कुमार गुप्ता ने डीपीएम जेएसएलपीएस को सुगमतापूर्वक टीकाकरण का कार्य संचालित कराने के उद्देश्य से अपने स्तर से सामुदायिक टीकाकरण केंद्रों (सीवीसी) का निर्धारण कर सूचित करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उपायुक्त ने मनरेगा कर्मियों, सभी मुखिया, वार्ड सदस्य, ग्राम प्रधानों, टाना भगतों आदि का भी टीकाकरण कराने पर जोर दिया।

बैठक में उपायुक्त ने 18 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के लाभार्थियों के टीकाकरण हेतु कोवीशील्ड एवं कोवैक्सीन के उपलब्ध वायल की समीक्षा की। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताया गया कि वर्तमान में कोवीशल्ड के 382 तथा कोवैक्सीन के 55 वायल उपलब्ध हैं। अपर समाहर्त्ता ने 45 वर्ष से अधिक तथा 18 वर्ष से 44 वर्ष के लाभार्थियों का अधिक से अधिक टीकाकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 169 पंचायतों में अवस्थित 171 सामुदायिक टीकाकरण केंद्रों को सक्रिय करते हुए टीकाकरण अभियान चलाने पर विशेष जोर दिया तथा उन्होंने प्रत्येक सीवीसी पर एएनएम को टीकाकरण के वायल के साथ उपस्थित रहने का भी निर्देश दिया।

बैठक में उपायुक्त ने 25 मई से 05 जून तक जिले के सभी प्रखंडातर्गत प्रत्येक गाँवों में रैट आधारित कोविड जाँच हेतु किए जा रहे सर्वेक्षण एवं डाटा प्रविष्टि के कार्य की समीक्षा की। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताया गया कि सर्वेक्षण के प्रथम दिन सहिया, आंगनबाड़ी सेविका एवं स्वयं सहायता समूह की दीदीयों द्वारा 1500 तथा दूसरे दिन 700, कुल 2200 लोगों का सर्वेक्षण किया गया। इन 2200 लोगों में से अभी तक 90 का डाटा प्रविष्टि का कार्य किया गया है। इसपर उपायुक्त ने शेष डाटा प्रविष्टि का कार्य भी शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया।

_बैठक में उपायुक्त ने नर्सिंग कौशल कॉलेज में बनने वाले 100 बेड की क्षमता वाले पीडियैट्रिक्स वार्ड में नियमित ऑक्सिजन आपूर्ति एवं कंसन्ट्रेटर की समीक्षा की। सिविल सर्जन ने बताया कि पीडियैट्रिक्स वार्ड में 100 में से 27 बेडों को ऑक्सिजन पाइपलाइन से जोड़ दिया गया है। इसके अलावा 17 बेडों को ऑक्सिजन कंसन्ट्रेटर की सुविधा से जोड़ा गया है। इसपर उपायुक्त ने पीडियैट्रिक्स वार्ड सहित कोविड अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों के उत्तम ईलाज को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त ऑक्सिजन सिलिंडरों एवं कंसन्ट्रेटर की मांग राज्य के समक्ष रखने का निर्देश दिया। वहीं अपर समाहर्त्ता ने गुमला सदर, घाघऱा, सिसई एवं भरनो प्रखंडों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्थापित पीडियैट्रिक्स वार्ड में भी ऑक्सिजन सिलिंडरों एवं कंसन्ट्रेटरों की व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक चिकित्सीय संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु रूपरेखा तैयार करने का भी निर्देश दिया। _

उपस्थिति
बैठक में उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा, उप विकास आयुक्त संजय बिहारी अंबष्ठ, अपर समाहर्त्ता सुधीर कुमार गुप्ता, सिविल सर्जन डॉ.विजया भेंगरा, सदर अनुमंडल पदाधिकारी रवि आनंद, डब्लूएचओ के डॉ.मृत्युंजय, डीपीएम जेएसएलपीएस मनीषा सांचा, डीपीएम स्वास्थ्य जया रेशमा खाखा, स्वास्थ्य विभाग के राजीव, प्रदान संस्थान के प्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग के कर्मीगण व अन्य उपस्थित थे।

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