डीसी शशि रंजन की अध्यक्षता में केसीसी आवेदन पत्र वितरण, संग्रहण व निस्तारण को लेकर बैठक

बसंत कुमार गुप्ता

गुमला.वैश्विक महामारी घोषित नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम के मद्देनजर देशव्यापी अनलॉक-01 की अवधि 01 जून से 30 जून 2020 तक निर्धारित की गई है।

उपायुक्त शशि रंजन की अध्यक्षता में केसीसी आवेदन पत्र वितरण, संग्रहण एवं निस्तारण से संबंधित विशेष समीक्षा बैठक का आयजोन आईटीडीए भवन के सभागार में किया गया।

बैठक में उपायुक्त ने बताया कि देशव्यापी लॉकडाउन अवधि के दौरान गुमला जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में काफी संख्या में प्रवासी श्रमिक/ किसान वापस लौटे हैं। लॉकडाउन से उत्पन्न परिस्थितियों से प्रभावित इन प्रवासी श्रमिक/ किसान को अपने जीवनयापन करने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े इस उद्देश्य से राज्य सरकार ने निर्देश दिया है कि किसानों को केसीसी ऋण का लाभ दिया जाए। जिससे वे खेतीबारी के कार्य सुचारू रूप से कर पाएं। उन्होंने बताया कि जिले में मॉनसून के आगमन के साथ ही खेती का कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। इसे ध्यान में रखकर उन्होंने जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी तथा जिला मत्स्य पदाधिकारी को अधिक से अधिक संख्या में किसानों को केसीसी ऋण का लाभ देने का निर्देश दिया।

बैठक में उपायुक्त ने जिला मत्स्य पदाधिकारी को प्रखंडवार मत्स्य पालकों की सूची प्राप्त कर उक्त सूची के आधार पर केसीसी आवेदन पत्रों के भरवाने की प्रक्रिया पूर्ण कराते हुए उन्हें केसीसी ऋण का लाभ देने का निर्देश दिया। जिसपर जिला मत्स्य पदाधिकारी ने उपायुक्त को बताया कि मत्स्य विभाग द्वारा अबतक लगभग 26 केसीसी ऋण हेतु आवेदन पत्रों को बैंकों में भेजा गया है। वहीं उन्होंने बताया कि मत्स्य विभाग द्वारा लगभग 25 केसीसी ऋण हेतु आवेदन और प्राप्त किए गए हैं। जिसपर उपायुक्त ने जिला मत्स्य पदाधिकारी को अधिकतम 1000 मत्स्य पालकों को केसीसी ऋण का लाभ दिलाने का निर्देश दिया।

वहीं बैठक में उपायुक्त ने किसी भी परिस्थिति में यदि बैंकों द्वारा किसानों का केसीसी ऋण अस्वीकृत किया जाता है तो उक्त परिस्थिति में बैंकों द्वारा ऋण अस्वीकृत करने की वजह लिखित रूप में प्रदान करने का सख्त निर्देश दिया।

बैठक के क्रम में उपायुक्त ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के कृषि लाभुकों पर विशेष जोर देते हुए बताया कि गुमला जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत लगभग 80 हजार कृषि लाभुकों का पूर्ण डाटा संग्रहित है। उक्त डाटा के आधार पर लाभुकों की सूची प्राप्त कर उन्हें प्राथमिकता देते हुए केसीसी ऋण से आच्छादित किए जाने का निर्देश दिया। इस संबंध में उन्होंने सभी एटीएम/ बीटीएम को जिला कृषि पदाधिकारी से प्रखंडवार लाभुकों की सूची तथा केसीसी आवेदन पत्रों को प्राप्त करते हुए अधिक से अधिक संख्या में किसानों को केसीसी ऋण से लाभान्वित करने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने जिला कृषि पदाधिकारी को प्रतिदिन कितने आवेदन पत्र भरवाए गए, कितने आवेदन पत्र जमा किए गए, कितने आवेदन पत्र स्वीकृत हुए तथा अस्वीकृत होने वाले केसीसी ऋण का लिखित कारण बैंकों से प्राप्त कर प्रखंडवार संकलित प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

बैठक में उपायुक्त शशि रंजन सहित, उप विकास आयुक्त हरि कुमार केशरी, अग्रणी जिला प्रबंधक बैंक ऑफ इंडिया गुमला, जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. रमेश चन्द्र सिन्हा, जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. ललित कुमार एक्का, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी दीपक कुमार सिंह, सभी एटीएम/ बीटीएम, सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी व अन्य उपस्थित थे।