टंडवा नदी के डायवर्सन से भारी वाहनों के परिचालन पर रोक की मांग

व्यवसायिक संघ ने बीडीओ व थाना प्रभारी को सौंपा ज्ञापन
टंडवा(चतरा)। जिले की औद्योगिक नगरी टंडवा प्रखंड की लाईफ लाईन गेरूवा पुल कोयला लदे भारी वाहनों के परिचालन से लगभग डेढ़ वर्ष पहले टुट चुकी है। जिसके बाद टंडवा से चतरा व हजारीबाग का आवगमन बरसात के मौसम में पूर्णतः टुट चुका था और टंडवा एक टापु का रूप ले लिया था। उसके बाद बड़की नदी में पथ निर्माण विभाग द्वारा डायवर्सन का निर्माण किया गया है। लेकिन दुर्भाग्य है कि डायवर्सन पर भी कोयले लदे भारी वाहनों का परिचालन किया जा रहा है। जिससे डायवर्सन पुल के टुटने का खतरा बढ़ गया है, ऐसे में एक बार फिर से टंडवा का आवागमण बाधित हो सकता है। जिसे लेकर व्यवसायिक संघ टंडवा के प्रतिनिधि मंडल द्वारा बीडीओ व थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंप कर भारी वाहनों के परिचालन पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई। व्यवसायिक संघ के प्रखंड अध्यक्ष ने बताया कि थाना प्रभारी प्रमोद पांडेय ने आश्वासन दिया है कि भारी वाहनों का परिचालन पूर्ण रूप से बंद कर दिया जाएगा और पुल के आगे एक बैरियर लगाकर वाहनों को नियंत्रित किया जाएगा। प्रतिनिधि मंडल में संघ के अध्यक्ष विकास कुमार गुप्ता, कोषाध्यक्ष राजेश कुमार सोनी, महामंत्री शुभाष गुप्ता, मीडिया प्रभारी बाल कृष्ण यादव, उपाध्यक्ष बलराम गुप्ता व कौलेश्वर गुप्ता शामिल थे।