गुमला शहर से गुजरने वाली नदियों का हो सीमांकन : हंदु भगत

बसंत कुमार गुप्ता

गुमला।गुमला शहर के विभिन्न नदी घाटों के रखरखाव नहीं होने के कारण आम लोग के द्वारा इसे हड़प अथवा अतिक्रमण कर लिया जा रहा है जिसके कारण नदी का स्वरूप बदलते जा रही है। गौरतलब है कि गुमला शहर के रामनगर बस डिपो सरना टोली विंध्याचल नगर नेट्रो डैम करम टोली चेटर आदि नाला का अतिक्रमण आए दिन देखने को मिल रहा है इसके कारण इन नदी घाटों का अतिक्रमण होने से आने वाले समय में गुमला में पेयजल की समस्या देखने को मिलेगी ।यहां बताते चले कि गुमला शहर से गुजरने वाले यह नाला जिंदा है लेकिन आने वाले समय में हो रहे अतिक्रमण से नदी का स्वरूप बदल कर समाप्त हो सकता है इस पर गुमला जिला के उपायुक्त के साथ ही नगर परिषद गुमला के कार्यपालक पदाधिकारी एवं अध्यक्ष उपाध्यक्ष वार्ड सदस्यों को इस पर गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए ।लेकिन इनके द्वारा इन मुद्दों पर ध्यान नहीं दी जा रही है जिसके कारण आमजन के द्वारा मनचाहे तरीके से नदी घाटों के एरिया में जगह का अतिक्रमण किया जा रहा है इस संबंध में पूर्व जिला परिषद के सदस्य हंदु भगत ने प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा है कि नदी घाटों का रखरखाव अनिवार्य है ।इस पर सरकार और प्रशासन को ध्यान देने की जरूरत है जिससे कि गुमला शहर में आने वाले दिनों में पेयजल की समस्या देखने को ना मिले ।श्री भगत ने कहा है कि नदी घाटों के बचाव के लेकर लोगों को जागरूक करने का काम भी किया जाएगा। लेकिन जिला प्रशासन कि जिम्मेवारी है कि नदी घाटों पर हो रहे अतिक्रमण पर ध्यान दें और इसके रखरखाव की व्यवस्था करें। इसके साथ ही नदी घाटों पर सीमांकन की आवश्यकता पर श्री भगत ने बल देते हुए कहा है कि इसके लिए नगर परिषद या जिला प्रशासन के द्वारा आवश्यक रणनीति बनाकर तत्काल नदियों के सीमांकन के लिए कार्रवाई करें। जिससे कि आने वाले दिनों में गुमला शहर की जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हो ।उन्होंने कहा है कि अभी यह नदी जिंदा है। गुमला शहर में आने वाले समय में भी पेयजल की समस्या देखने को नहीं मिलेगी। इसलिए इसके रखरखाव के लिए जिला प्रशासन विशेष ध्यान दें। और नदियों का सीमांकन कर इसे सुरक्षित करें।