उपायुक्त ने जिला नियंत्रण कक्ष का किया पुनर्गठन, पदाधिकारियों एवं कर्मियों की हुई प्रतिनियुक्ति

जेएसएलपीस के प्रबंधक को मिली नई जिम्मेवार, कार्य में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध होगी कार्रवाई
चतरा। नोबेल कोरोना वायरस से बचाव, रोकथाम व उपचार के मद्देनजर जिला प्रशासन के द्वारा जिला नियंत्रण कक्ष गठित है। इसके सफल संचालन में संक्रमण का प्रसार रोकने, विधि व्यवस्था संधारण, आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति, 100 व 108 की सेवा के निर्बाधित उपलब्धता, होम क्वारंटाईन का अनुश्रवण, श्रमिकों से संबंधित समस्या, कोविड संबंधित जांच प्रतिवेदन, कोविड केयर सेंटर की गतिविधियां का प्रतिवेदन, घर में रह रहे संक्रमितों हेतु मेडिकल कीट, ससमय प्रतिवेदन उपलब्ध कराने एवं आपदा के तहत नागरिकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने हेतु जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त दिव्यांशु झा द्वारा जिला नियंत्रण कक्ष का पुनर्गठन किया गया है, जिसमें पुनः पदाधिकारी, पर्यवेक्षक व कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गयी है। उपायुक्त द्वारा जारी आदेश में प्रत्येक ग्रुप के टीम लीडर को सुनिश्चित करना है कि आपनी पाली आने पर ग्रुप के सभी सदस्य ससमय नियंत्रण कक्ष में उपस्थित होकर कार्य करेंगे। इसके अलावे प्रतिनियुक्त पदाधिकारी व कर्मियों को अपने-अपने समय सारिणी के अनुसार प्रभारी पदाधिकारी, जिला नियंत्रण कक्ष के आदेशानुसार अपने दायित्वों का निर्वहन करने का निर्देश, वहीं बिना सूचना व अनुमति के कार्य से अनुपस्थित पाये जाने तथा कार्य के प्रति लापरवाही बरतने पर डीएमए एक्ट 2005 के सुसंगत धाराओं के आलोक में संबंधितों पर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी। प्रभारी पदाधिकारी, जिला नियंत्रण कक्ष इसकी लगातार समीक्षा करेंगे तथा कृत कार्रवाई से उपायुक्त को अवगत करायेंगे। जिला नियंत्रण कक्ष के वरीय प्रभारी में अरूण कुमार एक्का, निदेशक, लेखा प्रशासन एवं स्वनियोजन जिला ग्रामीण विकास अभिकरण है, जिनका संर्पक नंबर 8434999696 है। वहीं सहायतार्थ हेतु निशान्त एक्का जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जेएसएलपीस का संर्पक सूत्र 9007060008 तथा विनित कश्यप, डीएमएफटी-पीएमयू मोबाईल 9798333355 पर उपलब्ध रहेंगे। साथ ही सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक, प्राथमिक केन्द्र प्रभारी, थाना प्रभारी, जिला नियंत्रण कक्ष को प्रत्येक महत्वपूर्ण गतिविधि से अवगत कराते रहेंगे।