उप विकास आयुक्त ने ली डीएलसीसी/ डीसीसी की चतुर्थ त्रैमासिक बैठक 

गढ़वा से नित्यानंद दुबे की रिपोर्ट

गढ़वा: उप विकास आयुक्त, सत्येंद्र नारायण उपाध्याय की अध्यक्षता में डीएलसीसी/डीसीसी की चतुर्थ त्रैमासिक समीक्षा बैठक जिला स्तरीय समीक्षा समिति गढ़वा के सभाकक्ष में संपन्न हुई। समीक्षा के क्रम उप विकास आयुक्त ने मुख्य रूप से जिले में अवस्थित विभिन्न बैंकों के सीडी रेशियों, डिपॉजिट तथा एडवांसेज, वार्षिक साख योजना, केसीसी सेच्युरेशन ड्राइव तथा एमएसएमई, स्वयं सहायता समूह, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, प्रधानमंत्री जन- धन योजना, ग्राम स्वराज अभियान समेत अन्य विषयों के कार्य प्रगति का जायजा उपस्थित बैंकों के प्रतिनिधियों से लिया।

बैठक में सीडी रेशियों की समीक्षा के क्रम में डीडीएम नाबार्ड लक्ष्मण कुमार ने कहा कि जिले का सीडी रेशियों वित्तीय वर्ष 2020-21की तृतीय तिमाही की समाप्ति पर 38.67% था जो अब घटकर चतुर्थ तिमाही तक 34.89% हो गया है। इस क्षेत्र में उन्होंने बैंकों को बेहतर प्रदर्शन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि उक्त संदर्भ में एक्सिस बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक, इंडियन बैंक तथा बैंक ऑफ इंडिया को खासकर अपने प्रदर्शन में सुधार करने की आवश्यकता है। वह बैंक जिनका सीडी रेशियों 40% से कम है उन्हें इस दिशा में योजनाबद्ध तरीके से प्रयास करते हुए इसमें बढ़ोतरी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ओवरऑल जिले का सीडी रेशियों 40% से भी कम है ऐसे में सभी बैंक प्रयास करते हुए इसे कम से कम 60% तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। वहीं वार्षिक साख योजना की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि जिले के सभी बैंकों का कुल कृषि साख वित्तीय वर्ष 2020- 21 के चतुर्थ तिमाही में 91.41% है यह राष्ट्रीय मानक 18% से अधिक है। एलडीएम गढ़वा इंदु भूषण लाल ने कहा कि इसी प्रकार बैंकों द्वारा कृषि के क्षेत्र में शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के लिए और अधिक प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई में लक्ष्य की तुलना में उपलब्धि मात्र 80.72% है जिस पर सार्थक प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि आशा की जाती है कि वित्तीय वर्ष 2020- 21 के अंतिम चतुर्थ तिमाही में एसीपी का शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया जाएगा।

मौके पर केसीसी सैच्युरेशन ड्राइव के संदर्भ में बताया गया कि गढ़वा जिला को वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए भौतिक लक्ष्य 44,136 एवं वित्तीय लक्ष्य 22062.44 लाख निर्धारित किया गया था, जिसमें वित्तीय लक्ष्य के विरुद्ध बैंकों ने 122.73 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की है जो प्रशंसनीय है। वहीं केसीसी पीएम किसान के संदर्भ में बताया गया कि दिनांक 31 मार्च 2021 तक प्राप्त आंकड़ों के आधार पर विभिन्न बैंकों में पीएम किसान के 1909 आवेदन लंबित है। जिन्हें सैंक्शन किया जाना है। हालांकि बैंकों द्वारा केसीसी लोन सैंक्शन किया जा रहा है किंतु इसमें अपेक्षित गति दृष्टिगत नहीं होती है ऐसे में उप विकास आयुक्त ने इसमें तेजी लाने का निर्देश उपस्थित बैंक प्रतिनिधियों को दिया। उन्होंने सभी बैंक प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि लंबित आवेदनों को यथाशीघ्र निष्पादित करें तथा एलडीएम को वस्तुस्थिति से अवगत कराना सुनिश्चित करें। बैठक में केसीसी डेयरी, फिशरीज जेएमएफ अनकवर पीएम किसान के लाभुकों के अतिरिक्त केसीसी डेयरी एनिमल हसबेंडरी, केसीसी फिशरीज एवं झारखंड मिल्क फेडरेशन द्वारा जमा किए गए आवेदनों पर बैंक शाखाओं द्वारा त्वरित निर्णय नहीं लिए जाने पर चिंता का विषय जताया गया। उन्होंने प्राप्त आंकड़ों के आधार पर विभिन्न बैंक संस्थाओं में लंबित आवेदनों की स्थिति पर सभी बैंक शाखाओं को पुनः निर्देश दिया गया कि लंबित आवेदनों का यथाशीघ्र निष्पादन करें और पीएमएफबीवाई पोर्टल पर डिटेल अपलोड करना सुनिश्चित करें । बैठक में एमएसएमई की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि बैंकों द्वारा लक्ष्य के अनुरूप ऋण प्रदान नहीं किया जा रहा है जिसके चलते 2020- 21 की समाप्ति तक का लक्ष्य मात्र 80.72% ही हासिल किया गया है ऐसे में बैंक शाखाओं को इस ओर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

बैठक में उप विकास आयुक्त द्वारा स्वयं सहायता समूह के कार्यों की भी समीक्षा की गई तथा पाया गया कि एसएलबीसी से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर इस वित्तीय वर्ष में 1182 एसएचजी का सेविंग लिंकेज किया गया है और 3773 एसएचजी का क्रेडिट लिंकेज किया गया है। उन्होंने कहा कि जेएसएलपीएस से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर अप्रैल 2021 तक कुल 516 आवेदन क्रेडिट लिंकेज के लिए विभिन्न शाखाओं को भेजे गए हैं ऐसे में सभी शाखा प्रबंधक यथाशीघ्र लंबित आवेदनों का निष्पादन करना सुनिश्चित करें। मौके पर जेएसएलपीएस के डीपीएम से एसएचजी ग्रुप की महिलाओं को जो ऋण स्वीकृत हेतु उनका सैंक्शन लेटर उन्हें उपलब्ध कराया जा रहा है अथवा नहीं इसका जायजा लिया गया। तथा उन्हें बैंक से समन्वय स्थापित करते हुए एक बेहतर कार्य योजना तैयार कर अधिक से अधिक एसएचजी ग्रुप के लोगों को लाभान्वित करने की बात कही गई। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने भी अपने प्रस्ताव से पदाधिकारियों को अवगत कराया इसी क्रम में उन्होंने जिले के भंडारिया, खरौंधी बस स्टैंड रंका एवं अन्य स्थानों पर एटीएम खोलने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई।

इसी संदर्भ में उप विकास आयुक्त गढ़वा ने बताया कि किसानों को लोन दे, उन्हें प्रमोट करें ताकि जिले के किसान आगे बढ़ कर प्रगतिशील किसान बनकर अच्छी खेती कर फसल उपजा सके। विधायक प्रतिनिधियों ने आग्रह किया कि हाउसिंग लोन में डीले ना हो, वही अग्रणी बैंक प्रबंधक ने सभी बैंकों को निर्देश देते हुए कहा कि CD Ratio में भी बैंक स्कोर इंप्रूव करने की आवश्यकता है । केसीसी के आवेदन लौटाए जा रहे हैं इनसे संबंधित कारणों पर चर्चा की गई तथा समाधान करने का निर्देश दिया गया साथ ही उन्होंने कृषि विभाग को निर्देश दिया। की किस बैंक में कितना आवेदन प्राप्त किया गया है इसकी रिपोर्ट प्रत्येक शनिवार को कार्यालय प्रकोष्ठ में उपलब्ध कराए।

उक्त बैठक में उप विकास आयुक्त सत्येंद्र नारायण उपाध्याय, एजीएम- एलडीओ आरबीआई आलोक एक्का, डीडीएम नाबार्ड लक्ष्मण कुमार, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक गढ़वा इंदू भूषण लाल, माननीय सांसद एवं विधायक के प्रतिनिधि, जिला मत्स्य पदाधिकारी गढ़वा दिव्या गुलाब बा, डीपीएम जेएसएलपीएस पंकज कुमार, कृषि विभाग गढ़वा से आए प्रतिनिधि, जिले के विभिन्न बैंकों से आए बैंक प्रबंधक व उनके प्रतिनिधि समेत अन्य उपस्थित थे।