जिला प्रशासन कोरोना संक्रमित मरीज को प्रारंभिक उपचार मुहैया कराना है, ताकि मरीज को ऑक्सिजन बेड की आवश्यकता ना पड़े: डीसी

उपायुक्त गुमला द्वारा गुमला जिले में कोरोना संक्रमण से बचाव, नियंत्रण व रोकथाम के मद्देनजर जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा अबतक की गई प्रशासनिक तैयारी एवं स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जानकारी प्रेस ब्रीफिंग के माध्यम से दी गई

गुमला : वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से आज पूरा देश प्रभावित है। गुमला जिले में कोरोना संक्रमण से बचाव, नियंत्रण एवं रोकथाम के मद्देनजर जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा अबतक की गई प्रशासनिक तैयारी एवं स्वास्थ्य व्यवस्थाओं तथा कोविड-19 वैक्सिनेशन जागरूकता आदि विषयों पर उपायुक्त गुमला शिशिर कुमार सिन्हा ने आईटीडीए भवन स्थित अपने कार्यालय वेश्म से प्रेस ब्रीफिंग के माध्यम से प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मीडिया के प्रतिनिधियों को संबोधित किया।

उपायुक्त ने सर्वप्रथम प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मीडिया के प्रतिनिधियों से वैश्विक महामारी कोरोना काल के दौरान गुमला जिले में टीकाकरण एवं कोरोना जाँच को लेकर फैलने वाली भ्रांतियों एवं अफवाहों को समाप्त करने तथा आमजनों को जागरूक करने में अपना भरपूर सहयोग देने की अपील की।

उपायुक्त ने जिले में अबतक कोरोना जाँच हेतु संग्रहित किए गए सैम्पलों की जानकारी साझा करते हुए बताया कि जिले में अबतक कुल 02 लाख 65 हजार 591 सैम्पलों को कोरोना जाँच हेतु एकत्रित किया गया। जिसमें से 02 लाख 55 हजार 896 व्यक्तियों का जाँच रिपोर्ट निगेटिव पाया गया। जबकि 8817 व्यक्तियों का जाँच रिपोर्ट पॉजिटिव पाया गया। वहीं उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण से स्वस्थ होने वालों की संख्या 7532 है। जिले में कोरोना संक्रमण के कुल एक्टिव मामलों की संख्या 1316 है। जिसमें से 1292 कोरोना संक्रमित मरीज होम आईसोलेशन में निवासरत हैं। वहीं 24 कोरोना संक्रमित मरीजों को उच्चतम ईलाज हेतु अस्पतालों में भर्ती किया गया है। इसके साथ ही उपायुक्त ने जिले में कोरोना संक्रमण से होने वाली मृत्यु दर की जानाकरी साझा करते हुए बताया कि 20 मई 2021 तक कोरोना संक्रमण से मरने वालों की संख्या 32 है तथा जिले में कोरोना संक्रमण से होने वाले मृत्यु दर 0.36% है। उन्होंने बताया कि पूरे झारखंड राज्य में कोरोना संक्रमण से होने वाली मृत्यु के मामले में गुमला जिला 23वें स्थान पर है।

उपायुक्त ने होम आईसोलेशन में रहने वाले कोरोना संक्रमित मरीजों को दिए जाने वाले मेडिकल किट की जानकारी साझा करते हुए बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुल 6100 मेडिकल किटों को तैयार किया गया है। जिसमें से 4320 किटों का वितरण कर दिया गया है। उपायुक्त ने बताया कि होम आईसोलेशन में रहने वाले कोरोना संक्रमित मरीजों के उत्तम ईलाज हेतु सूचना भवन में संचालित जिला कोविड नियंत्रण कक्ष, एसी कोविड सेल, सदर अस्पताल में संचालित चिकित्सीय कोविड सेल तथा प्रखंड स्तर पर संचालित प्रखंड नियंत्रण कक्ष के माध्यम से ऐसे मरीजों के सतत् अनुश्रवण एवं दैनिक स्वास्थ्य निगरानी हेतु प्रतिदिन उनके स्वास्थ्य की जानकारी दूरभाष के माध्यम से प्राप्त की जा रही है।

उपायुक्त ने जिले में कोरोना संक्रमण से प्रभावित मरीजों के समुचित ईलाज को ध्यान में रखते हुए जिले में की गई बेडों की व्यवस्था की जानकारी साझा करते हुए बताया कि सदर अस्पताल में अवस्थित कोविड अस्पताल में सामान्य बेडों की संख्या 375 है। वहीं कोरोना संक्रमण से प्रभावित गंभीर मरीजों के उच्चतम ईलाज हेतु ऑक्सिजन युक्त बेडों की सख्या 193 है। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण से प्रभावित गंभीर मरीजों के ईलाज हेतु निर्बाध ऑक्सिजन मुहैया कराने के उद्देश्य से 275 ऑक्सिजन सिलिंडर उपलब्ध हैं। इसके अलावा सदर अस्पताल में ऑक्सिजन पाईपलाइन के माध्यम से जिला कोविड अस्पताल के 45 बेडों को नियमित ऑक्सिजन आपूर्ति की सुविधा प्रदान की जा रही है।

उपायुक्त ने कोरोना टेस्टिंग की अद्यतन स्थिति की जानाकारी देते हुए बताया कि कोरोना वायरस के द्वितीय लहर के तहत विगत 04 अप्रैल से 20 मई 2021 तक जिले में कुल 59530 सैम्पलों का संग्रहण किया गया। जिसमें से 5923 व्यक्तियों का जाँच रिपोर्ट पॉजिटिव पाया गया। वहीं स्वस्थ होने वालों की संख्या 4435 पाई गई। इसी प्रकार 20 मई 2021 को कुल कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 1617 पाई गई।

उपायुक्त ने कोविड-19 टीकाकरण की जानकारी साझा करते हुए बताया कि जिले में शुरूआती दौर में स्वास्थ्य कर्मी एवं फ्रंटलाइन कर्मियों का प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण कराया गया। इसके पश्चात् 45 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के सभी लाभार्थियों का टीकाकरण कराया गया। वर्तमान में 18 वर्ष से 44 वर्ष के सभी लाभार्थियों का टीकाकरण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में संचालित किया जा रहा है। इसके साथ ही 45 वर्ष से अधिक आयु वाले लाभार्थियों का भी टीकाकरण पूर्व की भांति जारी है। उन्होंने टीकाकरण के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि जिले में स्वास्थ्यकर्मियों का टीकाकरण हेतु 8138 का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिसमें से 7195 स्वास्थ्यकर्मियों ने प्रथम डोज तथा 4369 स्वास्थ्यकर्मियों ने दूसरा डोज प्राप्त किया। वहीं फ्रंटलाइन कर्मियों का टीकाकरण हेतु 8429 का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिसमें से 6716 फ्रंटलाइन कर्मियों ने प्रथम डोज तथा 4090 फ्रंटलाइन कर्मियों ने दूसरा डोज प्राप्त किया। इसी प्रकार 45 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के लाभार्थियों का टीकाकरण हेतु 02 लाख 60 हजार 597 का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिसमें से 79999 लाभार्थियों ने प्रथम डोज तथा 6178 ने दूसरा डोज प्राप्त किया है। वहीं 18 से 44 वर्ष के लाभार्थियों का टीकाकरण हेतु 04 लाख 72 हजार 351 का लक्ष्य निर्धारित है। जिसमें से अबतक 8316 लाभार्थियों ने प्रथम डोज प्राप्त किया है। इस प्रकार जीले में टीकाकरण हेतु कुल निर्धारित लक्ष्य 07 लाख 49 हजार 515 के विरूद्ध 01 लाख 02 हजार 180 लाभार्थियों को प्रथम डोज तथा 14637 लाभार्थियों को द्वितीय डोज दिया गया। विदित हो कि वर्तमान में जिले में टीकाकरण हेतु कोवीशील्ड के 310 तथा कोवैक्सीन के 1164 वाईल उपलब्ध हैं।

उपायुक्त ने कोरोना संक्रमण से प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों की जानकारी साझा करते हुए बताया कि जिले में 953 राजस्व ग्राम हैं। जहाँ की आबादी 2011 में हुए जनगणना के आधार पर 10 लाख 03 हजार 583 है। 953 गाँवों में से 406 गाँव ऐसे हैं जहाँ कोरोना का प्रसार हुआ है। उपायुक्त ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण के प्रसार के रोकथाम एवं प्रभावित गाँवों को संक्रमण मुक्त कराने के उद्देश्य से लगभग 571 गाँवों में कोविड जाँच अभियान चलाया गया। जिसमें कोरोना संक्रमण से प्रभावित 406 गाँव भी सम्मिलित हैं। कोविड टेस्टिंग में वैसे गाँव जहाँ कोरोना संक्रमण के लक्षण वाले अधिकतम मरीज पाए गए, उन गाँवों को प्राथमिकता देते हुए वहाँ अधिक से अधिक कोविड जाँच कराते हुए, कोरोना के लक्षण वाले मरीजों को स्वस्थ लोगों से आईसोलेट करते हुए उनका प्रारंभिक उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उन्हें निरोधात्मक दवाओं सहित मेडिकल किट उपलब्ध कराया गया। इतना ही नहीं 406 प्रभावित गाँवों में लगभग 13996 लोगों का टीकाकरण भी कराया गया है। साथ ही उन्होंने बताया कि उक्त गाँवों में औषधि वितरण दिवस के माध्यम से सर्दी/ खांसी/ बुखार तथा कोरोना के लक्षण वाले मरीजों के बीच 6608 मेडिकल किटों का वितरण किया गया।

उपायुक्त ने बताया कि गुमला जिले को कोरोना संक्रमण से मुक्त कराने की दिशा में जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह है कि जिले में कोरोना संक्रमण से प्रभावित होने वाले मरीजों को प्रारंभिक उपचार मुहैया कराया जाए, ताकि ऐसे मरीजों को ऑक्सिजन बेड तक जाना न पड़े। इसी उद्देश्य से जिले के 953 गाँवों में जिला प्रशासन के द्वारा आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका, एएनएम आदि के माध्यम से सर्दी/ खांसी/ बुखार व कोरोना के लक्षण वाले लोगों का सर्वेक्षण का कार्य कराया गया था। सर्वेक्षण में सर्दी/ खांसी/ बुखार व कोरोना के लक्षण वाले लगभग 10046 व्यक्तियों को चिन्हित किया गया। जिसमें से सर्दी/ खांसी/ बुखार व कोरोना के लक्षण वाले 6608 व्यक्तियों के बीच मेडिकल किटों का वितरण किया गया। साथ ही नहोंने बताया कि आगामी 25 मई से 05 जून 2021 तक प्रखंड स्तर पर रैट आधारित कोविड जाँच अभियान चलाया जाएगा।

उपस्थिति
प्रेस ब्रीफिंग में उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा सहित अपर समाहर्त्ता सुधीर कुमार गुप्ता सहित प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित थे।