चतरा: बारिश से गिरे दर्जनों कच्चे घर, पड़ोसियों के यहां शरण लिए है कई गरीब

सोशल मीडिया में संदेश जारी कर बीडीओ ने किया कर्तव्यों का निर्वहन
मयूरहंड(चतरा) नरेश कुमार सिंह। दो दिनों से लगातार हो रहे बारिश ने इटखोरी व मयूरहंड प्रखंड में गरीबों पर जमकर कहर बरपाया है। दोनों प्रखंडों में दर्जन भर कच्चे घर गरीबों के गिर गए हैं। ऐसे में प्रभावित परिवार पडोसियों के घरों में शरण लिए हुए हैं। इटखोरी प्रखंड के पितीज गांव निवासी विधवा अनिता देवी का कच्चा घर बारिश की भेंट चढ़ गया और ध्वस्त हो गया। जिससे घर में रखा अनाज व अन्य गृहस्थी का सामान पूरी तरह बर्बाद हो गया और पीड़िता अपने बच्चों के साथ पड़ोसी के घर रहने को मजबूर है, यहां तक भोजन की भी समस्या उत्पन हो गई है। वहीं मयूरहंड प्रखंड के दर्जनों गांव कच्चे जर्जर सड़कों में पानी के साथ किचड़युक्त हो जाने के कारण टापू बन गए हैं। साथ कई गरीबों के कच्चे घर ध्वस्त हो गए हैं। मयूरहंड प्रखंड के मंझगावां में त्रिवेणी सिंह पिता स्व. रितलाल सिंह का घर ध्वस्त हो गया है। साथ ही दोनों प्रखंडों में कई गरीब परिवार इस आपदा से प्रभावित है, लेकिन इनकी सुध लेने के लिए जिम्मेवारों के पास समय नही है। ज्ञात हो कि उपायुक्त ने सभी प्रखंडों के बीडीओ व सीओ को अर्लट मोड़ में रहकर प्रभावितों के लिए कैंप चिन्हीत कर राहत पहुंचाने का निर्देश दिया था, लेकिन दोनों प्रखंडों में किसी तरह की व्यवस्था की सूचना आम लोगों को नही है और ना ही प्रखंड प्रशासन की ओर से प्रभावितों की कोई सुध ली गई। हालांकी बीडीओ सह प्रभारी सीओ विजय कुमार चक्रवाती तूफान यास को लेकर शोसल मीडिया पर लोगों से सतर्क रहने की अपील कर अपनी जिम्मेवारी का निर्वहण करते दिखे। बीडीओ ने जारी संदेश में कहा है कि संभावित आपात स्थिति से निपटने को लेकर प्रशासनिक स्तर से तैयारी पूरी कर ली गई है। लोग वर्षा व तेज हवा के दौरान अनावश्यक घर से बाहर नही निकलें। साथ ही मवेशी पालकों और किसानों से अपने पशुओं को सुरक्षित स्थान में रखने की अपील की है।