जमीन का मालिकाना हक के लिए डीवीसी विस्थापित संघर्ष समिति किया बैठक

बैठक बाद डीवीसी के चेयरमैन व बरही सीओ से किया भेंट

बरही से बिपिन बिहारी पाण्डेय

बरही (हजारीबाग) : बरही के पंचमाधव में डीवीसी विस्थापित संघर्ष समिति ने बैठक की। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष छोटन गोप व संचालन रघुनन्दन गोप व सचिव बिरेन्द्र यादव ने किया। बैठक के उपरांत डीवीसी विस्थापित संघर्ष समिति पंचमाधो का एक प्रतिनिधि मंडल शनिवार को बरही तिलैया डैम गेस्ट हाउस में पहुंचे राम नरेश सिंह से भेंट किया। वहीं पुर्नवास को मिला भूमि का मालिकाना हक की मांग करते हुए एक ज्ञापन सौंपा। उसके बाद संघर्ष समिति के लोग बरही सीओ अरविंद देवाशीष टोप्पो से भी अंचल कार्यालय पहुंच कर भेंट किया। जहां अपनी मांग को रखा। वहीं बताया कि पिछले वर्ष 2018 में बरही अंचल कार्यालय द्वारा 37 में से 19 लोगों को ही भूमि का शुद्धि पत्र दिया गया है। जिन 19 लोगों को शुद्धि पत्र मिला उनका रसीद अब तक निर्गत नहीं हुआ है। वही सभी विस्थापित भूमि का शुद्धि पत्र एवं रसीद निर्गत करने की मांग रखा। शुद्धि पत्र के लिए कुछ लोगों ने आवेदन भी जमा किया। मौके पर वरिष्ठ समाजसेवी छठ्ठू गोप, तौकीर रजा, प्रभावित किसान रघुनंदन गोप, राजेन्द्र यादव, समिति के अध्यक्ष छोटन गोप, सचिव वीरेंद्र यादव, बिरेन्द्र सिंह, प्रकाश ठाकुर संतोष यादव आदि विस्थापित ग्रामीण मौजूद थे।

क्या है मामला : ग्रामीणों ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार की महत्वकांक्षी डीवीसी तिलैया डैम पावर प्लांट प्रोजेक्ट को लेकर 1953 -54 में भूमि अधिग्रहण को लेकर बरही का ग्राम पड़ीरमा व कोलंगा में रैयतों की रैयती जमीन तिलैया जलाशय को ली गई। उसके एवज में सरकार ने ग्राम बसरिया, कोलंगा, लक्षुडीह, हरला, गाजो, चचरो का जमीन अधिग्रहण कर डीवीसी को सौंप दिया था। डीवीसी द्वारा अपना भूमि पट्टा व नक्शा बनाकर रैयतों को उपरोक्त मौजा पर पुर्नवास करवा दिया गया है। किन्तु उन्हें जमीन का मालिकाना हक नहीं मिला है। जबकि सरकार द्वारा प्रत्येक अंचल को लिखित आदेश दिया गया है कि झारखंड में विस्थापित रैयतों को पुर्नवास कर भूमि स्वामित्व दिया जाए। परंतु आज तक उक्त डीवीसी द्वारा विस्थापित रैयतों को भूमि स्वामित्व पत्र नही दिया जा रहा है।