मेंटेनेंस के दौरान 11 हजार वोल्ट करंट की चपेट में आने से बिजली मिस्त्री की मौत

सेफ्टी के लिए बेल्ट और दस्ताने नहीं मिलते हैं कर्मियों को, हुआ हादसा

सिरका : रामगढ के थाना गिद्दी क्षेत्र के हेसला- मनुवां के मध्य कब्रिस्तान के समीप 11,000 बिजली आपूर्ति में लगे पोल में काम करने के दौरान बीती रात बुधवार को लगभग 11: 50 बजे एक सरकारी बिजली मिस्त्री दीपक तिर्की उम्र लगभग 35 वर्ष काम करने के दौरान करंट के झटका लगने के बाद पोल से नीचे गिरकर गंभीर रुप से घायल हो गया। इनके साथ बिजली कार्य में गए प्राइवेट मिस्त्री विजय महतो घटना के बाद इसकी सूचना बिजली विभाग के एसडीओ को दिया। बताया कि बिजली विभाग के द्वारा सेफ्टी के लिए सेफ्टी बेल्ट, दस्ताने भी नहीं दिए जाते हैं। जिसके बाद गंभीर अवस्था में घायल बिजली मिस्त्री दीपक तिर्की को सीसीएल के नईसराय अस्पताल ले जाया गया। जहां गंभीर हांलत को देखते हुए सदर अस्पताल रामगढ़ ले जाने को कहां गया। यहां डॉक्टरों के जांच के उपरांत बिजली मिस्त्री दीपक को मृत घोषित कर दिया गया। घटना की सूचना पर सदर अस्पताल रामगढ़ मृतक के भाई जगदीश तिर्की, पत्नी दीपिका तिर्की पहुंचे। अस्पताल के बाहर विद्युत विभाग के कर्मियों का जमावड़ा लग गया। इस संबंध में प्रत्यक्षदर्शी प्राइवेट बिजली मिस्त्री विजय महतो ने बताया कि बीते रात गुरुवार को अरगड्डा फीडर बिजली सप्लाई में गड़बड़ी की सूचना प्राप्त हुई थी। जिसके बाद मनुवां डिस पेज से बिजली ट्रिप कर जाने का पता चला। लाईन सप्लाई कटवा कर यहां पोल पर चढ़कर हेसला और मनुवां जंफर बिजली मिस्त्री दीपक तिर्की के द्वारा बदलने की प्रक्रिया की जा रही थी। इस दौरान बिजली चमकने के साथ बिजली तार चटक की आवाज हुई और बिजली मिस्त्री पोल के ऊपर से नीचे जमीन पर गिरकर गंभीर हांलात में मूर्छित हो गए। इसकी सूचना एसडीओ बिजली विभाग को दी गई । लोगों की मदद से घायल को अस्पताल ले जाया गया। इसे ले कार्यपालक अभियंता राजकुमार चौधरी ने बताया कि घटना में बिजली मिस्त्री की मौत की जानकारी प्राप्त हुई हैं। विभागीय प्रोसेस, समीक्षा समिति की बैठक और लीगल पदाधिकारी प्रेसीटेंशन के बाद आश्रित को नौकरी की प्रक्रिया होगी। सेफ्टी के विषय में जानकारी लेने के बाद आगे कार्रवाई की बात कहीं। इधर एसडीओ बिजली विभाग काली नाथ सिंह मुंडा ने बताया कि बिजली मिस्त्री के पोल में काम करने के दौरान बज्रपात से मौत हुई हैं। जिसे आगे विभागीय कार्रवाई के बाद सकारात्मक पहल होगी। इधर मृतक के भाई जगदीश तिर्की, पत्नी दीपिका तिर्की ने बताया कि मृतक बिजली मिस्त्री दीपक तिर्की बीते 2007 में अनुबंध पर बिजली विभाग में बहाल हुए थे। इसके बाद 2017 में सरकारी बिजली मिस्री में नौकरी हो गई। बीते 5 वर्षों से रामगढ़ में काम कर रहे थे। हमलोगों को बिजली विभाग के द्वारा ड्यूटी के दौरान घटना होने के बाद मुआवजा और नौकरी के लिए ठोस आश्वासन नहीं मिला हैं। अपने पीछे दो पुत्र छोड़ गए।