सुड़ी गांव का जलमीनार बना हाथी का दांत

पांकी से लौकेश सिंह की रिपोर्ट

पांकी: पांकी प्रखंड के ग्राम पंचायत-सुड़ी में एक-एक कर के सभी जलमिनार खराब होते जा रहा है।सभी जलमिनार पंचायत की शोभा की वस्तु बनी हुई है। जलमीनार लगाने में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है।जिसके बारे में एक माह पूर्व ही पिपरा-कला, सरैया के ग्रामीण भी आवाज उठा चुके हैं।व इस समय सुड़ी-ग्राम में भी जलमिनार जवाब दे गई। जिसका प्रमाण जनहित के सामने है।बढ़ती हुई गर्मी में यहां के ग्रामीण पानी पीने के लिए तरस रहे हैं।यहां के ग्रामीण एक तरफ करोना नामक महामारी से जंग लड़ रहे हैं वही दूसरी तरफ पानी के लिए भी जंग लड़ना पड़ रहा है।इस तरह कहा जाय तो पंचायत के मुखिया कान में तेल डालकर सोये हुए हैं।परिणाम कि इस समस्या को लेकर कोई सुध लेने वाला नहीं है।जलमीनार लगे हुए महज एक से डेढ़ साल भी नहीं हुआ है और कमोबेश अधिकतम जलमिनार जवाब दे गया। ग्रामीण जनता में ऐसे भ्रष्ट मुखिया के खिलाफ काफी रोष व्याप्त है।रोष व्यक्त करने वालों में उपेन्द्र यादव,चनारी विश्वकर्मा, अमारी विश्वकर्मा, संजय यादव, भोला भुईया,पातो कुंवर, सुरेंद्र भुईयां गिता देवी, श्रीनाथ भुईयां, रामप्रीत पासवान,कलावती देवी, रमेश यादव,सत्येंद्र यादव, उमेश यादव, विरेंद्र यादव इत्यादि एवं ग्रामीण जनता जिला पंचायती राज पदाधिकारी – पलामूं एवं प्रखण्ड विकास पदाधिकारी-पांकी से मांग करते हैं कि श्री मान् अपने स्तर से उचित जांच करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करें और खराब हो गए सभी जलमीनार को यथाशीघ्र ठीक कराएं जिससे यहां के आम लोगों को पानी पिने में कोई परेशानी न हो।

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