जामताड़ा में हाथी ने ली दो की जान, क्षेत्र में भय का माहौल

वन विभाग की उदासिनता व लापरवाई के कारण ओर दो लोगों की जान गवना पड़ा

जामताड़ा से राज किशोर सिंह की रिपोर्ट

जामताड़ा : फतेहपुर थाना क्षेत्र के बुनीडीह पंचायत अंतर्गत मलडीहा गाँव के बाजेपड़ा टोला मे रविवार सुबह 4 बजे झुंड से बिछड़े एक जंगली हाथी ने 2 आदमी को कुचल के मार डाला। मृतक दंपति जियालाल पावरिया (60 वर्ष) और सोनामुनि टुडू (55 वर्ष) सुबह घर से बाहर निकले थे उसी वक्त एक विछुप्त जंगली हाथी ने दोनों पर जानलेवा हमला किया ओर कुचल कर मार डाला। घटना के बाद हाथी जंगल की ओर अपना रास्ता मोड़ लिया। जंगल गाँव के करीब होने से हाथी अपना डेरा जमाया हुआ है। घटना की खबर पाकर फतेहपुर थाना प्रभारी सुमन कुमार ए एस आई मिथलेस कुमार, ए एस आई सुमित झा, घटनास्थल पर पहुंचे एवं दोनों शव को अपने कब्जे मे लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल जामताड़ा भेज दिया। वहीं वन विभाग के रेंजर प्रतिमा कुमारी घटना स्थल पर सूचना देने के 2 घंटा बाद पंहुची। रेंजर के पहुँचने के बाद ग्रामीण उग्र हो गये और हंगामा करना शुरू कर दिया। तत्काल रेंजर के द्वारा दस हजार रुपया सहयोग अंतिम संस्कार के लिए मृतक के परिजन को दिया गया। लेकिन बाद मे उग्र ग्रामीणों ने रेंजर प्रतिमा कुमारी को लगभग 3 घंटा तक बंधक बना के रखा। उग्र ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथी को क्षेत्र से भगाने की मांग को लेकर अड़े रहे। मामले का तुल पकड़ता देख घटना स्थल पर प्रमुख किरण कुमारी बेसरा, प्रखंड विकास पदाधिकारी मुकेश कुमार बाउरी एवं आंचलाधिकारी पंकज कुमार पहुंचे। बीडीओ सीओ प्रमुख व थाना प्रभारी के बहुत समझाने एवं मृतक के परिजन को सभी तरह की सरकारी सुविधा व मुवायजा का लाभ देने के आश्वासन पर ही ग्रामीण शांत हुए और रेंजर प्रतिमा कुमारी को छोड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि मालडीहा के बाजेपाड़ा में पिछले बार भी जंगली हाथी ने तीन लोगों को कुचलकर मार डाला था। गांव में वन समिति है, लेकिन विभाग समिति को एवं ग्रामीणों को हाथी भगाने का कोई सामान नही देता है। बहुत दिनों से किरासिन तेल, टॉर्च, पटाखा की मांग किया जा रहा है, लेकिन विभाग के कानों में जू तक नही रेंग रहा है। नतीजतन ग्रामीणों की जान गवाना पड़ रहा है। इस घटना की सुचना पाकर झामुमो प्रखण्ड सचिव वकिल सोरेन,कृष्ण गोपाल महतो, सेवाधन मरांडी जनार्दन भंडारी, सुनिल माजि, सदानंद साधु आदि ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता तथा एवं खाद्य सामग्री प्रदान किये।इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।