मानव जीवन के लिए पर्यावरण सर्वोच्च जरूरत: डॉ तुषार कांत

– मिल्लत कॉलेज, परसा में प्राचार्य की अगुवाई में किया गया पौधारोपण
जावेद अख्तर की रिपोर्ट
हनवारा: बुधवार को मिल्लत कॉलेज, परसा के प्राचार्य डॉ तुषार कांत के द्वारा कॉलेज परिसर में पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान प्राचार्य ने कॉलेज परिसर में कई पौधे को लगाया। प्राचार्य ने छात्रों को संदेश दिया कि मानव जीवन के लिए पर्यावरण सर्वोच्च जरुरत है। जल,जंगल और जमीन तीनों उसके प्रमुख आधार हैं। विकास के मौजूदा मॉडल की विफलता यह है कि जीवन के इन तीनों आधारों को प्रदूषण ने लील लिया है।
यही वजह है आज देश की आबादी का बड़ा हिस्सा स्वच्छ पानी, शौचालय और शुद्ध हवा जैसी मूलभूत आवश्यकताओं से भी वंचित है। पर्यावरण पूरी तरह प्रदूषित हो चुका है। इस दिशा में समाज और सरकार को स्वच्छता और वृक्षारोपण को एक जन आन्दोलन बनाने की तरफ सोचना होगा,जिसके लिए समाज की सहभागिता होना पहली और आवश्यक शर्त है।
डॉ कांत ने कहां कि पर्यावरण की सेहत के लिए दो कामों का निरन्तर जारी रहना बेहद जरूरी है। पहली स्वच्छता और दूसरा वृक्षारोपण। स्वच्छता और वृक्षारोपण के अभाव में हमें स्वास्थ्य सम्बन्धी खतरे झेलने पड़ते हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण अहम पहल है, क्योंकि जीवनदायनी ऑक्सीजन का एकमात्र स्त्रोत वृक्ष ही हैं। मानव जीवन वृक्षों पर ही निर्भर है। यदि वृक्ष नहीं रहेंगे तो धरती पर जीवन संकट में पड़ जाएगा।
असल संकट यही है कि विकास के आधुनिक मॉडल ने सब कुछ उजाड़ दिया है। जंगल ही जलवायु परिवर्तन के कुप्रभावों को कम करने की क्षमता रखते हैं, जिसके लिए वृक्षारोपण अभियान जारी रहना जरुरी है। इसी से जलवायु में सुधार संभव है। पेड़ -पौधे प्रकाश संश्लेषण के माध्यम से कार्बन-डाई आक्साइड को कम कर ऑक्सीजन देने में महती भूमिका में हैं। यह प्रक्रिया प्रकृति में संतुलन बनाए रखती है। जंगल ही हमें स्वच्छ जल और स्वस्थ मृदा के साथ-साथ स्वच्छ पर्यावरण भी प्रदान करने का आधार प्रदान करते हैं।
इस दौरान प्रो अशरफ करीम, मो अब्दुल्लाह, मो नदीम कमर, मो खालिद रिजवान आदि लोग शामिल थे।