खुशी, हर्ष और नयन की मौत से मातम में डूबा परिवार

– दुर्गा पूजा के भक्तिमय माहौल के बीच परिवार पर टूटा गम का पहाड़
गोड्डा से अभय पलिवार की रिपोर्ट
गोड्डा: खुशी कुमारी (12), हर्ष कुमार ( 10) और नयन कुमारी (11) की पोखर में डूबने से हुई मौत के परिणाम स्वरूप पथरगामा प्रखंड के परसपानी पंचायत अंतर्गत केरवार मौजा के होपनाटोला वासी डोमन महतो का परिवार गम में डूब गया है। दुर्गा पूजा के भक्तिमय माहौल के बीच परिवार के तीन बच्चों के एक साथ काल कवलित हो जाने से मातमी सन्नाटा पसर गया है। न सिर्फ डोमन महतो के परिवार, बल्कि पूरे गांव के लोग इस हृदय विदारक घटना के कारण शोक में डूब गए हैं। पीड़ित परिवार के घर से आ रही रोने धोने की आवाज से पूरा गांव गमजदा हो गया है।
जिस वक्त बच्चों के पोखर में डूबने की घटना हुई, उस समय डोमन महतो अपने बड़ा लड़का मुकेश महतो के साथ बाइक से पथरगामा बाजार पोता पोती एवं अन्य पारिवारिक सदस्यों के लिए दुर्गा पूजा के मौके पर कपड़े की खरीदारी करने गए थे। दुकान पर कपड़ा की खरीदारी कर ही रहे थे कि उसी दौरान छोटे बेटा कामदेव महतो ने इस हृदय विदारक घटना की जानकारी दी। घटना की सूचना पाते ही डोमन महतो अपने बेटा मुकेश महतो के साथ गांव लौट आए। परिजन तीनों बच्चों को लेकर गोड्डा सदर अस्पताल गए, जहां चिकित्सकों ने तीनों बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
पोखर में डूबने से असमय काल कवलित हुए तीन बच्चों में मुकेश महतो के दो बेटी बेटा खुशी कुमारी और हर्ष कुमार थे। वहीं एक बच्ची नयन कुमारी मुकेश के छोटे भाई कामदेव महतो की बेटी थी। मुकेश एवं कामदेव के पिता डोमन महतो ईसीएल की राजमहल परियोजना, ललमटिया करीब छह माह पूर्व रिटायर हुए हैं।
घटना की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी बलिराम रावत पुलिस बल के साथ घटना स्थल पर पंहुचे। घटना की जानकारी लेने के बाद तीनों बच्चे के डेड बॉडी को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गोड्डा भेज दिया। घटना के बारे में जानकरी देते हुए मृतक बच्चे के पिता मुकेश महतो ने बताया कि घटना दिन के 12 बजे की है। सभी बच्चे घर में खेल रहे थे। वह अपने पिता के साथ दुर्गा पूजा के लिए कपड़ा की खरीदारी करने पथरगामा बाजार गए थे। मुकेश ने बताया कि तीनों बच्चे कब पोखर की ओर चले गए, पता नहीं चला। बगल के एक व्यक्ति ने बताया कि एक बच्चा की लाश पोखर में तैर रही है। ग्रामीण पोखर की और दौड़ पड़े। देखा कि पोखर में तैर रहा शव हर्ष कुमार का था। पोखर से निकालकर बच्चे को घर लाया गया। इसके बाद अन्य दो बच्चे की खोजबीन शुरू हुई। ग्रामीणों ने पोखर के तल से दोनों बच्चे को निकाला। बताया कि तीनों बच्चे कभी भी पोखर में स्नान करने के लिए नहीं जाते थे। कैसे तीनों बच्चे पोखर में स्नान करने के लिए गए, समझ से परे है। बच्चे की मौत पर घर में मातम पसर गया। बच्चों के माता- पिता एवं दादा – दादी सहित परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।