गढ़वा : किसानों का गुस्सा फूटा, रोका एफसीआई का ट्रक

जब तक नहीं होगी पूरे धान की खरीददारी तब तक बाहर नहीं जाने दिया जाएगा धान : किसान

गढ़वा से नित्यानंद दुबे की रिपोर्ट

गढ़वा : एफसीआई के पदाधिकारियों एवं कर्मियों की मनमानी के खिलाफ किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है। शनिवार को चिनिया धान क्रय केंद्र के गोदाम से बाहर ले जाए जा रहे धान के दो ट्रक को किसानों ने रोक दिया है। किसानों का कहना है कि जब तक क्रय केंद्र पर बाहर रखे हुए पुरे धान की खरीदारी नहीं कर ली जाती है तब तक यहां के गोदाम से धान को दूसरे शहर के गोदाम में बाहर नहीं ले जाने दिया जाएगा। किसानों ने कहा कि एफसीआई के अधिकारी किसानों के साथ मनमानी कर रहे हैं। इसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ज्ञात हो कि जिले के विभिन्न धान क्रय केंद्रों पर किसानों का रखा हुआ धान सड़ रहा है। परंतु एफसीआई के अधिकारी व कर्मी नहीं खरीद रहे हैं। यहां तक कि जिला प्रशासन एवं झारखंड सरकार मंत्री के भी आदेश को एफसीआई कर्मी अनसुना कर दे रहे हैं। इससे किसान, जिला प्रशासन एवं सरकार में भी आक्रोश है। बता दूं कि पिछले दिनों गढ़वा विधायक झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने एफसीआई कर्मियों व पदाधिकारियों को कई बार स्मार पत्र भेज कर सभी किसानों के धान की खरीदारी करने का निर्देश दिया है। बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस संबंध में मंत्री श्री ठाकुर ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि एफसीआई कर्मी अपनी मनमानी नहीं छोड़ते हैं तो उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराते हुए राज्य में इनके प्रचलन पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। इस संबंध में उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी कार्रवाई करने का आग्रह किया है। मंत्री ने कैबिनेट की बैठक में भी इस मुद्दे से मुख्यमंत्री को अवगत कराते हुए कार्रवाई करने का आग्रह किया है। मंत्री ने कहा है कि राज्य में केंद्र सरकार के उपक्रम निरंकुश हो गए हैं। इस पर अंकुश लगाया जाएगा। यहां तक कि गढ़वा उपायुक्त राजेश कुमार पाठक ने भी सरकार को पत्र लिखकर एफसीआई पदाधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए अनुमति मांगा है। फिर भी एफसीआई कर्मियों की मनमानी जारी है।