धान अधिप्राप्ति से वंचित किसानों ने मयूरहंड प्रखंड में दिया धरना

दो दिनों के अंदर धान अधिप्राप्ति नहीं होने पर दी आत्मदाह की चेतावनी
मयूरहंड(चतरा)। मरता क्या नहीं करता, ऐसा हीं कहावत जिले के मयूरहंड प्रखंड के किसानों के बीच विभागीय उदासीनता के कारण उत्पन हो गई है। किसानों का धान फरवरी माह से प्रखंड कार्यालय परिसर के बाहर खुले आसमान में रखा हुआ है और दो दिनों से हो रही बारिश से धान भिंग रहा है। धान बर्बाद होते देख किसानों ने 5 मई को मयूरहंड प्रखंड कार्यालय के बाहर एक दिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया। किसानो ने बताया कि संबंधित विभाग द्वारा अगर दो दिनों के अंदर धान अधिप्राप्ति नहीं किया गया तो आत्मदाह कर लेंगे। किसानों ने अगे बताया कि विभाग द्वारा दिसंबर माह में धान अधिप्राप्ति केंद्र खोला गया। परंतु हमेशा केंद्र बंद रहा। केंद्र खुलने पर प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों द्वारा कभी बोरा अपल्बध नहीं होना का तो कभी गोदाम छोटा होने का बहाना बनाकर समय बर्बाद किया। विभाग द्वारा मैसेज आने पर अपने घरों से किसान धान अधिप्राप्ति केंद्र लेकर पहुंचे, परंतु विभागीय उदासीनता के कारण धान अधिप्राप्ति नहीं हो पाया। किसानो को धरना प्रदर्शन करने और बारिश के कारण धान भिंगने की सूचना बीडीओ विजय कुमार ने उपायुक्त दिव्यांशू झा को दिया। त्वरित कार्रवाई करते हुए उपायुक्त ने डीएसओ अनील कुमार यादव को मयूरहंड प्रखंड भेज किसानों की समस्याओं को सुलझाने का निर्देश दिया तो डीएसओ ने मयूरहंड पहुंच किसानों से वार्तालाप किया और दो दिन के अंदर गोदाम परिसर में रखे धान को लेने का आश्वासन किसानों को दिया। सांकेतिक धरना प्रदर्शन में किसान रामेश्वर साव, मालेश्वर सिंह, नगिन सिंह, अनुज साव, गौतम सिंह, प्रमोद सिंह, प्रमेश्वर सिंह सहित अन्य किसान शामिल थे।

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