रोजगार सृजन के लिए गौरियाकरमा में 80 महिला पुरुष को दिया जा रहा पशुपालन का गुर

प्रशिक्षण केंद्र में कई अव्यवस्था से प्रशिक्षणार्थियों में रोष

बरही से बिपिन बिहारी पाण्डेय

बरही: झारखंड में बेरोजगार युवकों को रोजगार सृजन के लिए झारखंड सरकार के द्वारा युवक एवं युवतियों को पशुपालन का प्रशिक्षण दिया जाता है। जिसके तहत बरही के गौरियाकरमा में स्थित झारखंड सरकार का पशुपालन विभाग का पशुपालन विद्यालय, गौरियाकरमा में पिछले 27 नवंबर से प्रशिक्षण का कार्यक्रम अलग-अलग बैच का 5-5 दिनों का प्रशिक्षण शिविर चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का चौथा बैच पिछले सोमवार से जारी है। जिसका समापन आगामी शुक्रवार को किया जाएगा। इस बैच के प्रशिक्षण में झारखंड राज्य के धनबाद, गिरिडीह व चतरा जिला आदि क्षेत्रों से बेरोजगार युवक और युवतियां भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण प्राप्त करने को आने वाले लोगों के लिए निशुल्क भोजन, आने जाने का यात्रा भत्ता के अलावा उन्हें 200 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से उनके बैंक खाते में दिया जाता है। बताते चलें कि 25 अक्टूबर से लेकर 29 अक्टूबर 2021 तक कुकुट पालन का प्रशिक्षण गौरियाकरमा में दिया जा रहा है, जहां राज्य के विभिन्न जिलों से लगभग 80 युवक और युवतियां प्रशिक्षण के लिए पहुंचे हैं। इन 80 लोगों को रहने के लिए व्यवस्था तो गौरियाकरमा में सही है। लेकिन प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले कई परेशानियों का भी सामना कर रहे हैं। यहां प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले कई लोगों ने जानकारी देते हुए बताया कि यहां पुरुषों के लिए शौचालय व स्नानागार व्यवस्थित ढंग से नहीं है। शौचालय एवं स्नानागार में दरवाजा तक सही से नहीं है। जहां सोते हैं, वहां मच्छरों का प्रकोप है किंतु मच्छरदानी का समुचित व्यवस्था नहीं की गई है।तीन पहर दिया जाने वाला भोजन एवं भोजन ग्रहण करने का स्थान की भी व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। जिसके कारण उनमें रोष है। प्रशिक्षण केंद्र का अपना शिक्षक नहीं रहने से भी परेशनियों का सामना करना पड़ रहा है।
क्या कहते हैं सीआई : पशुपालन विद्यालय, गौरियाकरमा के मुख्य अनुदेशक (सीआई) डॉ. सुबलाल गगराई ने बताया कि उक्त विद्यालय काफी पुराना है। शिकायत व आरोप लगाना गलत है जो भी व्यवस्था है उसे व्यवस्थित ढंग से किया जा रहा है। भोजन के लिए पुराने एस्टीमेट के अनुसार ही उन्हें प्रत्येक व्यक्ति पर मात्र 100 रुपये ही मिलता है, जो महंगाई के दौर में बहुत कम है। इसलिए प्रशिक्षणर्थियों को सुबह नाश्ता में सब्जी के साथ 5 पूड़ी दिया जा रहा है। दोपहर भोजन में दाल, भात व सब्जी एवं रात्रि भोजन में प्रशिक्षणर्थियों के ही कहने पर रात्रि में भी दाल, भात व सब्जी दिया जा रहा है। इसके अलावा आने-जाने का भत्ता एवं मानदेय के रूप में प्रतिदिन 200 रुपये दिया जा रहा है। जो भी व्यवस्था मुझे प्राप्त है उसके अनुसार अपने स्तर से पूरा प्रयास कर रहे हैं कि प्रशिक्षणर्थियों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो।