फोरलेन सड़क निर्माण में नियम के विरूद्ध मुआवजा देने पर विधायक ने की सीएम से शिकायत

चंदवारा:चंदवारा प्रखण्ड अंतर्गत फोरलेन सड़क के किनारे रैयतों के अधिग्रहित भूमि का प्रकृति बदल मुआवजे में प्रावधानों की अनदेखी पर बरही विधायक उमाशंकर अकेला यादव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिल जिला अंतर्गत मौजा उरवां,मदनगुंडी,चंदवारा से गुजरने वाले एनएचआई 31 फोरलेन सड़क निर्माण में अधिग्रहित की जा रही भूमि का मुआवजा राशि सरकारी प्रावधानों के विपरीत जमीन की प्रकृति पदाधिकारियों द्वारा
बदल कर कम मुआवजा राशि तय किये जाने के संबंध में बरही विधायक उमाशंकर अकेला यादव ने पत्र के माध्यम से कहा की चंदवारा ग्रामवासियों द्वारा आपको प्रेषित आवेदन पत्र के आलोक में कहना है कि एनएचएआई 31 बरही से रजौली फोरलेन सड़क निर्माण ने अधिग्रहित होने वाली भूमि का प्रकृति 2016 के गजट में सरकार द्वारा आवासीय प्रकाशित किया गया था परन्तु अब फिर से जिला भू अर्जन कार्यालय द्वारा प्रकाशित गजट 2019 में उसी आवासीय भूमि की प्रकृति बदल कर कृषि भूमि कर दिया गया है।जबकि निर्माणाधीन फोरलेन सड़क के किनारे बाजार बसा हुआ है।जिला भू अर्जन द्वारा प्रकाशित आदेश के विरोध में रैयतों ने झारखण्ड उच्च न्यायालय रांची में रिट याचिका दायर किया है जो राँची हाईकोर्ट द्वारा कोडरमा उपायुक्त को निर्देश दिया गया कि स्थल का भौतिक सत्यापन कर कृषि भूमि को उपरोक्त निर्देशानुसार आवासीय भूमि में परिवर्तन की जाय बावजूद कोडरमा उपायुक्त द्वारा हाइकोर्ट के आदेश को नजर अंदाज करते हुए भू अर्जन कार्यालय कोडरमा से कर्मचारियों द्वारा जबरन रैयतों को नोटिस दिया जा रहा है।जबकि बरही विधायक ने विधानसभा सत्र के दौरान सदन में शून्यकाल के दौरान सूचना भी उठा चुके हैं विधायक ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र सौंपते हुये रैयतों को उचित मुआवजा दिलवाने हेतु निर्देश देने का आग्रह किया।इस लोकहित कार्य के लिए चंदवारा के स्थानीय रैयतों ने विधायक को धन्यवाद दिया।