गढ़वा: दोहरे हत्याकांड के 14 आरोपियों में से 11 को पुलिस ने किया गिरफ्तार

गढ़वा से नित्यानंद दूबे की रिपोर्ट

गढ़वा : गढ़वा के सोनपुरवा में अवस्थित अंतरराज्यीय बस स्टैंड पिछले 28 अप्रैल को हुए दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने उद्भेदन कर लिया है इस हत्याकांड में शामिल 14 अपराधियों में से पुलिस ने 11 अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पिछले 28 अप्रैल को तीन बाइक सवार नकाबपोश अपराधियों ने दिनदहाड़े बस एजेंट शैलेश केसरी एवं कल दुबे पर अंधा दम अंधाधुंध फायरिंग की थी जिसमें शैलेश की मौके पर ही मौत हो गई थी तथा घायल कोई दुबेकी मौत रांची रिम्स में इलाज के दौरान हो गया ।

इस संबंध में गढ़वा थाने पर आयोजित कर एक पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए गढ़वा के आरक्षी अधीक्षक खतरे आरक्षी अधीक्षक खोत्रे श्रीकांत सुरेश राव ने बताया कि या हत्या बस स्टैंड पर वर्चस्व के लिए की गई थी इस हत्या में 14 लोग शामिल थे जिसमें से 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है । हजारीबाग जेल में बंद गढ़वा का अपराधी रियाजुद्दीन रंगसाज गिरोह ने हत्या को अंजाम दिया था। आरक्षी अधीक्षक ने बताया कि इस हत्याकांड में रियाजुद्दी की पत्नी समेत 14 लोग आरोपी है।

एसपी ने बताया कि रंगसाज ने हजारीबाग जेल में बंद रहते हुए योजना तैयार की थी. इस सिलसिले में 11 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है. तीन अभी भी फरार हैं. उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज की गई है. अपराधियों के पास से दो देसी कट्टा, एक गोली, अट्ठारह मोबाइल फोन, मोटरसाइकिल आदि बरामद हुआ है।

गढ़वा एसपी ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों में 5 अपराधी पलामू के हैं, जबकि छह अपराधी गढ़वा जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं. उनकी गिरफ्तारी के लिए पलामू, गढ़वा, चतरा और रांची में छापामारी की गई। इसके लिए कई पीएसआई को मिलाकर एक बड़ी टीम बनाई गई थी। टीम के अलग अलग सदस्यों ने अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई की।

एसपी ने जानकारी दी कि इसी वर्ष जनवरी में हजारीबाग जेल से छूट कर गढ़वा का अपराधी और छोटू रंगसाज का सहयोगी संतोष चंद्रवंशी जमानत पर बाहर आया था। जेल में रहते हुए छोटू रंगसाज और संतोष चंद्रवंशी ने गढ़वा बस स्टैंड पर वर्चस्व जमाने की प्लानिंग की थी। बनाई गई योजना लेकर संतोष गढ़वा पहुंचा और छोटू रंगसाज की पत्नी सलमा खातून उर्फ पिंकी के साथ मिलकर इसे पूरा किया। 14 अपराधियों को मिलाकर बस एजेंट शैलेश केसरी उर्फ पिंकू केसरी की हत्या की योजना बनाई।

डाल्टनगंज के रेयाज अहमद ने वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई। जबकि पलामू के की एहसान आलम सज्जू उर्फ सज्जाद अहमद और शोले अहमद प्लानिंग के हिस्सा बने और हथियार का प्रबंध किया। घटना से पहले और बाद में छोटू रंगसाज और उसकी पत्नी लगातार अपराधियों के संपर्क में थे। गढ़वा से छोटू रंगसाज की पत्नी सलमा खातून और पिंकी के अलावा संतोष चंद्रवंशी, पप्पू खान उर्फ शाहिद अली, सत्या पासवान, सलाहु उर्फ सलाउद्दीन खान और उदित चंद्रवंशी को गिरफ्तार किया गया है।

गढ़वा एसपी ने बताया कि छोटू रंगसाज की नजर पलामू और गढ़वा में वर्चस्व कायम करने पर था। इसके लिए उसने अपनी पत्नी के नेतृत्व में अपराधियों की टीम तैयार की थी और गोली चालने की घटनाओं का ब्लू प्रिंट तैयार किया था।पूछताछ के दौरान गिरफ्तार अपराधियों ने इस संबंध में कई खुलासे किए हैं. उस पर पुलिस टीम काम कर रही है।

गिरफ्तारी अभियान में पीएसआई योगेंद्र कुमार, अभय कुमार, संजय कुमार, सदानंद कुमार, आकाश पासवान, नीरज कुमार, कमलेश कुमार महतो, अजीत कुमार, संजय कुमार कुशवाहा के अलावा सहायक अवर निरीक्षक अभिमन्यु कुमार शामिल थे।